
सीहोर। साहब! बस पलटने की आवाज इतनी तेज थी कि हम सब कांप गए। जब तक संभलते, तब तक चीख-पुकार मच चुकी थी। हम बिना सोचे बस की तरफ दौड़े… यह कहना है जावर-कजलास मार्ग पर स्थित कजलास गांव के उन ग्रामीणों का, जिन्होंने गुरुवार दोपहर एक बड़े हादसे में घायलों के लिए देवदूत की भूमिका निभाई। पाटीदार पेट्रोल पंप के पास लगातार हो रही बारिश और फिसलन के कारण एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में करीब एक दर्जन यात्री घायल हुए हैं, लेकिन ग्रामीणों की तत्परता ने समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
शीशे तोडक़र निकाला बाहर
हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और राहगीर अपनी जान की परवाह किए बिना बस की ओर भागे। ग्रामीणों ने गजब की हिम्मत और इंसानियत दिखाते हुए तुरंत बस के आपातकालीन दरवाजे और खिड़कियों के शीशे तोड़े। अंदर फंसे यात्रियों को एक-एक कर बाहर निकालना शुरू किया और उन्हें सडक़ किनारे सुरक्षित लिटाया।
सूचना मिलते ही दौड़ी 108
घटना की जानकारी मिलते ही जावर पुलिस और 108 इमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा तुरंत एक्शन में आई। मौके पर पहुंचे 108 एम्बुलेंस के पायलट जितेंद्र ठाकुर ने बताया हमे जैसे ही सूचना मिली, हम बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंचे। वहां ग्रामीण पहले से ही घायलों की मदद में जुटे थे। हमने स्थानीय लोगों के सहयोग से तुरंत गंभीर घायलों को एम्बुलेंस में शिफ्ट किया और जावर के शासकीय अस्पताल पहुंचाया।
दो की हालत गंभीर
इस हादसे में लगभग 12 यात्रियों को चोटें आई हैं। जावर अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने मुस्तैदी से सभी का प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि दो महिला यात्रियों की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद आष्टा सिविल अस्पताल रेफर किया गया है। गंभीर घायलों में उर्मिला बाई 50 वर्ष निवासी पिपलरावां और संजू बाई 32 वर्ष निवासी खुदखेड़ा शामिल हैं। अन्य घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है।
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