भोपाल न्यूज़ (Bhopal News)

उपचुनाव में Emotional Card पर दांव!

  • भाजपा-कांग्रेस सहानुभूति की लहर पर सवार होने के लिए तैयार

भोपाल। प्रदेश की 4 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में टिकट के लिए भाजपा और कांग्रेस (BJP & Congress) दोनों में दावेदार कतार में लग चुके हैं। फिलहाल दोनों पार्टियां सहानुभूति की लहर पर सवार होने की तैयारी कर रही हैं। यानी दिवंगत नेताओं के परिजनों पर दांव लगाने पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
मप्र (MP) में चार सीटों पर उपचुनाव होना है। इनमें खंडवा लोकसभा सीट (Khandwa Lok Sabha Seat) सहित रैगांव, पृथ्वीपुर और जोबट विधानसभा की सीटें शामिल हैं। पृथ्वीपुर और जोबट कांग्रेस और बाकी दो सीटों पर भाजपा का कब्जा था। इन चारों सीटों पर कोरोना संक्रमण के कारण नेताओं की मौत हुई। अब दोनों ही सियासी दल सहानुभूति के वोट बटोरने के प्लान में जुटे हैं। दोनों तरफ से प्रबल दावेदारों के नाम सामने आए हैं। उससे साफ है कि उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस (BJP & Congress) दोनों ही सहानुभूति के जरिए चुनाव जीतने की कोशिश में हैं।

खंडवा में रिस्क नहीं लेगी भाजपा
चार सीटों के सियासी समीकरण पर नजर डालें तो खंडवा लोकसभा सीट पर भाजपा का कब्जा था। यहां से 2019 के चुनाव में नंदकुमार सिंह चौहान चुनाव जीते थे और अब भाजपा की कोशिश है कि उपचुनाव में नंदकुमार सिंह चौहान के बेटे हर्षवर्धन को टिकट दिया जाए। हालांकि यहां पर भाजपा में अर्चना चिटनिस और कृष्ण मुरारी मोघे भी अपनी दावेदारी जता रहे हैं। भाजपा यहां कोई रिस्क लेना नहीं चाहती है। इसलिए संभावनाओं पर मंथन चल रहा है।

सहानुभूति वोट पर नजर
भले ही उप चुनाव की तारीखों का ऐलान ना हुआ हो लेकिन यह तय है उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस कांग्रेस दोनों का भरोसा सहानुभूति से मिलने वाले वोटों पर होगा।

रैगांव का सियासी समीकरण
वही रैगांव विधानसभा सीट पर 2018 के चुनाव में जुगल किशोर बागड़ी ने चुनाव जीता था और भाजपा यहां पर बागड़ी के बड़े बेटे पुष्पराज को टिकट देने की तैयारी में है। टिकटों को लेकर भाजपा में अभी मंथन का दौर जारी है। मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा हर बार सहानुभूति के सहारे चुनाव लडऩा सफल साबित नहीं होता है। आगर सीट इसका उदाहरण है। लेकिन फिर भी यह देखा जाता है कि चुनाव में सहानुभूति अपना असर दिखाती है। पार्टी सभी पहलुओं पर मंथन करने के बाद ही टिकट फाइनल करेगी।

कांग्रेस में जोड़तोड़
अब कांग्रेस के कब्जे वाली 2 विधानसभा सीटों की बात करें तो 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने पृथ्वीपुर और जोबट विधानसभा सीट पर कब्जा जमाया था। पृथ्वीपुर सीट पर बृजेंद्र सिंह राठौर ने जीत हासिल की थी। उनके निधन के बाद कांग्रेस पार्टी बृजेंद्र सिंह राठौर के बेटे नितेंद्र सिंह राठौड़ को उम्मीदवार बनाने की तैयारी में है। इसके अलावा जोबट विधानसभा सीट पर कलावती भूरिया के रिश्तेदार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया को टिकट देने की तैयारी में हैं। पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने कहा पार्टी सभी पहलुओं पर विचार कर रही है। हो सकता है, जिन सीटों पर पार्टी का कब्जा था उसी परिवार के सदस्य को उपचुनाव में पार्टी अपना उम्मीदवार बनाए।

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