
इंदौर। बगल में छोरा और गांव में ढिंढोरा… की तर्ज पर नगर निगम शहरभर में बंद पड़े बोरिंगों और वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने में जुटा है और उसके खुद के मुख्यालय में ही वर्षों से बोरिंग बंद पड़े हैं और कूड़ा-करकट जमा हो गया। अब आयुक्त क्षितिज सिंघल ने निगम मुख्यालय का दौरा किया और जल संरक्षण का कार्य देखा तो इस दौरान वर्षों से अनुपयोगी और लम्बे समय से बंद पड़े बोरिंगों की जानकारी मिली, जिसे अब रिचार्ज सॉफ्ट में परिवर्तित किया जा रहा है। दूसरी तरफ कल निगम ने छोटी रन मिनी थॉन का आयोजन भी वर्षा जल संरक्षण और भूजल की जागरूकता के लिए किया।
आयुक्त श्री सिंघल ने कहा कि वर्षा जल संरक्षण वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। भूजल स्तर को बनाए रखने एवं वर्षा जल के अधिकतम संचयन के उद्देश्य से बंद एवं अनुपयोगी बोरवेलों का उपयोग रिचार्ज शाफ्ट के रूप में किया जाना एक प्रभावी एवं उपयोगी पहल है। इससे वर्षा जल सीधे भूगर्भ में पहुंचकर जलस्तर को बढ़ाने में सहायक होगा तथा जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। विदित हो कि निगम मुख्यालय परिसर में 1 बड़ा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पूर्व से है तथा 1 बड़ा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बंद पड़े बोरवेल में निर्माणाधीन है तथा 3 छोटे रेन वाटर रिचार्ज पिट पूर्व से बने हैं।
जिनसे निगम भवनों ओर परिसर का वर्षा जल सहेजा जाता है।आयुक्त द्वारा वर्षा पूर्व नया रिचार्ज सिस्टम का कार्य पूर्ण करने ओर पुराने रिचार्ज सिस्टम तथा पिट का आवश्यक संधारण, रखरखाव एवं साफ सफाई के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निगम मुख्यालय में किए गए इस नवाचार को शहर के अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाए। उन्होंने शहर में स्थित अनुपयोगी एवं बंद पड़े बोरवेलों की सूची तैयार कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से रिचार्ज शाफ्ट में परिवर्तित करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
साथ ही विभिन्न शासकीय एवं सार्वजनिक परिसरों में भी इस प्रकार की व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित किया जा सके। आयुक्त श्री सिंघल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी वर्षाकाल को दृष्टिगत रखते हुए शहर में संचालित सभी वर्षा जल संग्रहण एवं भूजल पुनर्भरण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा जहां आवश्यकता हो वहां अतिरिक्त रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में जनभागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाए ताकि अधिक से अधिक नागरिक वर्षा जल संचयन की व्यवस्थाएं अपने घरों एवं संस्थानों में स्थापित करें। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन यंत्री श्री अश्विन जनवदे, जोनल अधिकारी श्री राज ठाकुर सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
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