
जबलपुर। अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक बाधाओं और विदेशी बाजारों में मांग की कमी के चलते इस सीजन में देश से आम का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके परिणामस्वरूप निर्यात के लिए आरक्षित विशेष आम अब स्थानीय मंडियों में पहुंच रहा है, जिससे बाजार में आपूर्ति अचानक बढ़ गई है। जबलपुर सहित प्रदेश की प्रमुख फल मंडियों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बागों से आम की रिकॉर्ड आवक हो रही है। इस बंपर आवक और सीमित घरेलू मांग के कारण आम के थोक रेट पिछले साल की तुलना में आधे रह गए हैं। मंडियों में लंगड़ा, बादाम, केसर, दशहरी, आम्रपाली, मल्लिका, तोतापरी और गोल्डन जैसी प्रमुख किस्मों की कीमतें तेजी से गिरी हैं। जहां एक ओर निर्यात न होने से किसान और फल व्यापारी परेशान हैं, वहीं आम के शौकीन ग्राहकों के चेहरे पर कीमतों में आई इस भारी गिरावट से खुशी देखी जा रही है।
मंडियों में हर रोज पहुंच रही फलों की भारी खेप
जबलपुर की फल मंडी के थोक व्यापारियों के अनुसार पिछले वर्षों की तुलना में इस बार मंडियों में आम की आवक काफी अधिक है। वर्तमान में स्थिति यह है कि विदेशों में आम का एक्सपोर्ट बंद होने के कारण प्रतिदिन करीब 15-20 गाड़ी आम सीधे स्थानीय बाजारों में आ रहे हैं। माल लेकर आने वाली प्रत्येक गाड़ी में लगभग 10-12 टन आम होता है। बाजार में इस समय हर वैरायटी का आम प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। आपूर्ति में हुई इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी की वजह से लगभग सभी किस्मों के दाम पिछले साल के मुकाबले लगभग आधे स्तर पर आ गए हैं।
दामों में आई रिकॉर्ड कमी
बाजार के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में आम की कीमतों में बड़ा बदलाव आया है। पिछले साल 65-70 रुपये प्रति किलो बिकने वाला लंगड़ा और बादाम आम इस बार क्रमश: 35-40 रुपये और 40-45 रुपये में मिल रहा है। इसी तरह केसर के दाम 80-100 रुपये से घटकर 50-55 रुपये, दशहरी 60-65 रुपये से घटकर 40-45 रुपये और आम्रपाली 60-65 रुपये से कम होकर 45-50 रुपये प्रति किलो पर आ गए हैं। मल्लिका आम का रेट 55-60 रुपये से घटकर 35-40 रुपये तथा तोतापरी का रेट 33-35 रुपये से गिरकर 25-28 रुपये प्रति किलो हो गया है।
गोल्डन वैरायटी बनी है खास
फल व्यापारियों ने बताया कि इस बार तेलंगाना से आने वाले गोल्डन आम की आवक बेहद शानदार बनी हुई है। बाजार में इस खास वैरायटी की पहली खेप सोमवार से आनी शुरू हो गई है। पिछले साल जो गोल्डन आम 100-120 रुपये प्रति किलो पेटी के हिसाब से बिका था, वह इस बार ग्राहकों को केवल 70-75 रुपये प्रति किलो पेटी में मिल रहा है। व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले समय में इसकी आवक और बढऩे पर इसके रेट कम होकर 60 रुपये तक पहुंच सकते हैं, जिससे आम जनता को काफी राहत मिलेगी।
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