
उज्जैन। बसों की हड़ताल के कारण उज्जैन में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र और काम-धंधा करने आने वाले लोग बड़े स्तर पर प्रभावित होंगे, क्योंकि हड़ताल 2 मार्च को होलिका दहन से शुरू होने वाली है। ऐसे में कई लोगों ने अभी से ही अपने घर जाने का प्लान कर लिया है। उज्जैन में सैकड़ों बसें है जो हड़ताल नहीं टूटी तो रूट पर नहीं चलेंगी।
उल्लेखीय है कि होलिका दहन 2 मार्च को है, लेकिन इस बार 3 मार्च की बजाय 4 मार्च को धूूरेंडी रहेगी और उसके बाद रविवार को रंगपंचमी का त्यौहार मनाया जाएगा। इस दिन रंगारंग गेरें शहर की सड़कों पर निकलती है। उज्जैन में पढऩे वाले अधिकांश स्टूडेन्ट होली सेलिबं्रेट करने अपने घर जाते हैं। चूंकि होली की छुट्टी 4 तारीख को है और 2 मार्च से बस आपरेटरों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है तो इस बार उनका घर जाने का प्रोग्राम बिगड़ सकता है। अगर बस ऑपरेटर नहीं माने तो हड़ताल होना स्वाभाविक है। ऐसे में होली पर बसों का यातायात बुरी तरह से प्रभावित होगा। 4 मार्च को बुधवार है और उसके बाद फिर रविवार को रंगपंचमी है। कुल मिलाकर अगला सप्ताह रंगां की मस्ती में ही बीतने वाला है। स्टूडेन्ट्स भी अगले रविवार और सोमवार को ही लौटेंगे। बसों की नहहड़तानल को देखते हुए कईयों ने तो अभी से ही घर जाने का प्रोग्राम बना लिया है ताकि ऐनवक्त पर किसी तरह की परेशानी न हो। शहर के अधिकांश होस्टल शनिवार और रविवार को ही खाली हो जाएंगे। हालांकि स्कूली परीक्षाओं के चलते स्कूलों में पढऩे वोले छात्र-छात्राओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
ब्रेस्ट कैंसर से जुड़ी नई तकनीकों को सरकारी अस्पताल के डॉक्टर भी सीखेंगे
ब्रेस्ट कैंसर के उपचार में आ रही आधुनिक सर्जिकल तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग सरकारी अस्पतालो के डॉक्टरो को भी सिखाई जाएगी। आधुनिक तकनीकों को लेकर शहर में राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होने जा रहा है। सरकारी अस्पताल में दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता, अहमदाबाद, भोपाल, बेंगलुरु और जयपुर के डॉक्टर जुटेंगे ओर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ तकनीक सीखेंगे। द एसोसिएशन ऑफ ब्रेस्ट सर्जन्स ऑफ इंडिया की मिड टर्म कॉन्फ्रेंस ‘मिडकॉन 28 फरवरी और 1 मार्च को एमजीएम मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के ऑडिटोरियम में आयोजित होगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved