इंदौर

चुनाव के लिए बसें अधिगृहीत, बच्चे और यात्री ‘बेबस’

बच्चों को स्कूल छोडऩे जाओ… सर्वाधिक स्कूली बसें लग गई चुनाव में
शहर के कई स्कूलों ने पालकों को कहा- तीन दिन बच्चों को छोडऩे और ले जाने की व्यवस्था खुद करें, पालक भी परेशान
इंदौर।  पंचायत चुनाव (Panchayat elections) के लिए जिला प्रशासन (district administration) के आदेश पर परिवहन विभाग (transport department) ने कल शाम से आज सुबह के बीच 427 बसों का अधिगृहण किया। इनमें से ज्यादातर बसें स्कूलों (schools) से ली गई हैं, वहीं कई प्रमुख मार्गों पर चलने वाली यात्री बसें भी हैं। बसों (buses) का अधिगृहण हो जाने के कारण यात्री और छात्र ‘बेबस’ हैं। शहर के ज्यादातर स्कूलों ने आज से तीन दिनों तक बसें न होने के कारण पालकों को कहा है कि बच्चों को स्कूल छोडऩे और घर ले जाने की व्यवस्था खुद करें। इसके कारण पालक (parents)  भी परेशान हैं।

चुनावों (elections) में मतदान दल और सामग्री लाने-ले जाने के लिए बसों का अधिगृहण किया गया है। ये बसें 25 जून की रात को लौटाई जाएंगी। पहले 300 बसों को अधिगृहीत करने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में इनकी संख्या बढ़ाकर 350 कर दी गई। वहीं हरदा में चुनाव के लिए भी 77 बसें इंदौर से मांगे जाने के कारण यह संख्या 427 हो चुकी है। परिवहन विभाग ने ज्यादातर बसों का अधिगृहण शहर के निजी स्कूलों से किया है। इसके कारण ज्यादातर स्कूल संचालक भी परेशान हैं। पर्याप्त बसें न होने के कारण वैष्णव स्कूल सहित कई स्कूलों ने पालकों को कल ही संदेश भेजना शुरू कर दिया था कि 23 से 25 जून तक बसों की अनुपलब्धता के कारण उन्हें ही अपने बच्चों को स्कूल छोडऩे और वापस ले जाने की व्यवस्था करना होगी।

कई बच्चों को मजबूरन करना पड़ रही तीन दिन छुट्टी
बसों के अधिगृहण के कारण जहां स्कूलों ने बच्चों को छोडऩे और ले जाने की जिम्मेदारी पालकों पर डाल दी है, वहीं पालकों के लिए अपने काम छोडक़र बच्चों के आने-जाने की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है। इसे लेकर कई पालकों ने स्कूल प्रबंधन के सामने कड़ी आपत्ति भी दर्ज करवाई है, वहीं कई के पास समय और वाहन की व्यवस्था न हो पाने के कारण मजबूरन तीन दिनों की छुट्टी की बात भी कही है।

4 से 6 जुलाई के बीच फिर बनेगी ऐसी स्थिति
आज से तीन दिनों तक जो स्थिति बन रही है, वही आगामी निगम चुनाव के चलते 4 से 6 जुलाई के बीच भी बनेगी। इस दौरान 450 से ज्यादा बसों को चुनाव कार्य के लिए अधिगृहीत किया जाएगा। इसके चलते एक बार फिर स्कूल, छात्र, पालक और यात्री परेशान होंगे, जिसका कोई विकल्प भी नहीं है।

कई स्कूलों की बसें अधिगृहीत, हमारी मांग- एक स्कूल से दो ही बसें अधिगृहीत हों
शहर के कई स्कूलों से बसों का अधिगृहण किया गया है। इसके कारण बच्चों के लिए परिवहन व्यवस्था में परेशानी तो आ ही रही है, लेकिन दो साल बाद स्कूल शुरू होने के कारण हमारे लिए छुट्टी घोषित करना भी मुश्किल है। इसलिए कुछ स्कूलों ने पालकों को कहा है कि तीन दिन बच्चों को छोडऩे और ले जाने की व्यवस्था खुद करें। हमने पहले भी प्रशासन से मांग की थी कि एक स्कूल से दो से ज्यादा बसों का अधिगृहण न किया जाए, ताकि परिवहन व्यवस्था न बिगड़े, लेकिन मौजूदा स्थिति में ऐसा नहीं हुआ है। इसे लेकर 25 जून को होने वाली ग्रुप की मीटिंग में चर्चा की जाएगी और प्रशासन के समक्ष दोबारा यह मांग रखी जाएगी।  -कंचन तारे, चेयरपर्सन, इंदौर सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स (सीबीएसई स्कूलों का संगठन)

स्कूलों की सहमति से ली हैं बसें

हमने चुनाव कार्य के लिए जिला प्रशासन के आदेश पर बसों के अधिगृहण के लिए प्रमुख स्कूलों से संपर्क किया था। स्कूलों ने अपनी सहमति से ही बसें हमें दी हैं। अन्य बसें भी स्पेयर परमिट की हैं, जिससे रूट्स पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
-जितेंद्रसिंह रघुवंशी, आरटीओ, इंदौर

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