
छतरपुर। छतरपुर शहर के विंध्यवासिनी मंदिर पुलिस चौकी क्षेत्र में गुरुवार देर रात ऐसा बवाल हुआ, जिसने पूरे इलाके को करीब पांच घंटे तक दहशत में डाल दिया। बाइक लहराने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते मारपीट, पथराव और पुलिस पर हमले तक पहुंच गया। इस दौरान तीन वर्षीय बच्ची को सड़क पर फेंकने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, टोरिया मोहल्ले के तीन युवक कथित तौर पर पल्सर बाइक को लहराते हुए जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक सामने से आ रहे एक स्कूटी सवार परिवार से टकरा गई। हादसे में पति-पत्नी और उनकी तीन वर्षीय बेटी घायल हो गए। पीड़ित पति ने लापरवाही पर आपत्ति जताते हुए इलाज के खर्च की मांग की और बाइक की चाबी निकाल ली।
चाबी छीने जाने से गुस्साया एक आरोपी अपने घर भागा और कुछ ही मिनटों में 6–7 लोगों को लाठी-डंडों के साथ लेकर वापस आ गया। इसके बाद दंपती पर हमला कर दिया गया और उनकी स्कूटी में तोड़फोड़ की गई। पीड़ित महिला का आरोप है कि इस दौरान उसकी गोद से तीन साल की बच्ची को छीनकर सड़क पर फेंक दिया गया, जिससे बच्ची घायल हो गई।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर भी उपद्रवियों ने पथराव कर दिया। इस दौरान माहौल और बिगड़ गया। बाद में दोनों पक्षों के बीच टोरिया मोहल्ले में फिर भिड़ंत हो गई, जिसमें जमकर मारपीट और पथराव हुआ। वीडियो बना रहे एक युवक उमाशंकर के सिर में पत्थर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
स्थिति बिगड़ने पर कोतवाली, सिविल लाइन और ओरछा रोड थानों का अतिरिक्त बल मौके पर पहुंचा। पुलिस दबाव बढ़ने पर आरोपी फरार हो गए। रात में दबिश देकर पुलिस ने निसार, निज्जू और छोटू समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय लोगों के अनुसार फायरिंग की भी चर्चा रही, हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि मामले में सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला और दंगा फैलाने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं।
घटना की खबर मिलते ही देर रात बजरंग दल के नेता प्रखर भट्ट सहित भारी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने जय श्री राम के नारे लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जिससे करीब 3 से 4 घंटे तक माहौल बेहद संगीन बना रहा। बजरंग दल के प्रखर भट्ट ने प्रशासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, आरोपियों के मकान नजूल की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने हुए हैं। एसडीएम के माध्यम से इन अवैध निर्माणों पर तत्काल बुलडोजर की कार्रवाई की जाए।
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