
उज्जैन। नवंबर के उत्तराद्र्ध में जिले के स्कूलों के सामने परीक्षा संचालन के साथ नियमित पढ़ाई जारी रखने की चुनौती रहेगी। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की अद्र्धवार्षिक परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को अगले प्रश्न-पत्र की तैयारी के लिए विशेष कक्षाओं में भी शामिल होना होगा। ऐसे में स्कूल प्रबंधन को कक्षों और शिक्षकों की उपलब्धता के बीच बेहतर तालमेल बैठाना पड़ेगा।
लोक शिक्षण संचालनालय की समय-सारिणी के अनुसार, कक्षा 11वीं-12वीं की परीक्षाएं 18 नवंबर और 9वीं-10वीं की परीक्षाएं 21 नवंबर से शुरू होंगी। नौवीं-दसवीं के विद्यार्थियों की परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक, जबकि 11वीं-12वीं की परीक्षा दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगी। एक ही परिसर में संचालित स्कूलों में दोनों पालियों के कारण कक्ष आवंटन, वीक्षक ड्यूटी और पढ़ाई की व्यवस्था का समन्वय करना होगा।
परीक्षा के बाद अगले पेपर की तैयारी
परीक्षा समाप्त होने के बाद आगामी प्रश्न-पत्र की तैयारी के लिए विशेष कक्षाएं लगाई जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके लिए स्कूलों को परीक्षा संचालन और शिक्षण कार्य की समय-सारिणी में तालमेल रखना होगा। विद्यार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है। उत्तर-पुस्तिकाएं 10 मिनट और प्रश्न-पत्र पांच मिनट पहले वितरित किए जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी शौर्य मल्होत्रा ने बताया कि जिले के सभी हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों को सुचारू परीक्षा संचालन के साथ शैक्षणिक सत्र प्रभावित न होने देने के निर्देश दिए गए हैं।
नवंबर में छह दिन दोनों पालियों में परीक्षा
23, 25, 26, 27, 28 और 30 नवंबर को दोनों पालियों में परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। कक्षा 9वीं-10वीं के प्रश्न-पत्र 21 नवंबर से शुरू होकर निर्धारित विषयों के अनुसार होंगे, जबकि 11वीं-12वीं की परीक्षाएं 10 दिसंबर तक चलेंगी। इस दौरान शिक्षकों की ड्यूटी, कक्षों के उपयोग और विशेष कक्षाओं का नियोजन स्कूल प्रबंधन के लिए अहम रहेगा।
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