
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखा जा रहा है। ब्रेंट क्रूड 5.51 डॉलर बढ़कर 95.89 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि ईरान (Iran) द्वारा अमेरिका (America) के साथ दूसरे दौर की वार्ता से इनकार करने के बाद वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ी है।
इस बीच भारत की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज के पेट्रोल-डीजल के दाम जारी कर दिए हैं। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है।
पड़ोसी देशों में तेल की कीमतें
भारत के पड़ोसी देशों में पेट्रोल के दाम काफी ऊंचे हैं। बांग्लादेश में पेट्रोल 90.95 रुपये प्रति लीटर, भूटान में 97.88 रुपये, पाकिस्तान में 122.42 रुपये और चीन में 130.11 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। वहीं म्यांमार में यह 146.82 रुपये प्रति लीटर है। श्रीलंका में पेट्रोल की कीमत 134.38 रुपये और नेपाल में 136.86 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है।
भारत में सरकारी कदम और स्थिति
घरेलू बाजार को स्थिर रखने के लिए सरकार ने हाल ही में उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। सरकार का कहना है कि मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी हुई है, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत देने के प्रयास जारी हैं। देश में कीमतों में अंतर भी देखने को मिल रहा है। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये है, जबकि कोलकाता में यह 104.99 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। डीजल की कीमतें भी शहरों के हिसाब से अलग-अलग हैं।
भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल
भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल पोर्ट ब्लेयर में 82.46 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। इसके बाद ईटानगर में 90.87 रुपये, सिलवासा में 92.37 रुपये, दमन में 92.55 रुपये और हरिद्वार में 92.78 रुपये प्रति लीटर कीमत दर्ज की गई है।
सबसे सस्ता डीजल
डीजल के मामले में भी पोर्ट ब्लेयर सबसे सस्ता है, जहां कीमत 78.05 रुपये प्रति लीटर है। इसके बाद ईटानगर में 80.38 रुपये, जम्मू में 81.32 रुपये, सांबा में 81.58 रुपये और कठुआ में 81.97 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
आगे क्या हो सकता है?
वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच भारत में फिलहाल कीमतों में बड़ा उछाल नहीं देखा गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ने पर आने वाले दिनों में इसका असर घरेलू ईंधन कीमतों पर भी पड़ सकता है।
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