img-fluid

बिना बीमा और फिटनेस के पानी में तैर रहा था क्रूज

June 08, 2026

  • बरगी डैम क्रूज हादसा: जांच आयोग के सामने खुला कागजी फर्जीवाड़े और लापरवाही का खेल, गोवा और केरल जैसे कड़े कानून क्यों नहीं, उठाए गंभीर सवाल

जबलपुर। बरगी डैम में 30 अप्रैल 2026 को हुआ क्रूज हादसा महज एक सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक अनदेखी और लापरवाही का नतीजा था। इस मामले में प्रदेश सरकार द्वारा गठित जांच आयोग के समक्ष याचिकाकर्ता अखिलेश त्रिपाठी ने फैक्ट फाइल के साथ एक महत्वपूर्ण हलफनामा और दस्तावेज पेश किए हैं। इन दस्तावेजों से साफ हुआ है कि क्रूज और उसमें सवार यात्रियों का कोई बीमा ही नहीं था। बीमा कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि क्रूज के नाम पर कोई पॉलिसी नहीं थी और जो कागजात दिखाए गए, वे मैकल रिसॉर्ट के थे। इसके अलावा मप्र अंतर्देशीय भाप पोत नियम 1962 के नियम 6 के तहत इस पोत का कोई फिटनेस सर्वे या जांच भी नहीं हुई थी। मौसम विज्ञान विभाग की आंधी-तूफान की चेतावनियों को पूरी तरह दबा दिया गया, जिससे यह भीषण संकट खड़ा हुआ और कई लोगों की जान जोखिम में पड़ गई। इन दस्तावेजों के प्रकाश में आने के बाद अब आयोग राज्य सरकार से इस संबंध में जवाब तलब कर सकता है।



  • केंद्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बीमे के नाम फर्जीवाड़ा
    श्री त्रिपाठी द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार इस हादसे की गहराई में जाने पर पता चलता है कि केंद्र सरकार के अंतर्देशीय पोत अधिनियम 2022 की धारा 3, 17, 18 और 66 के तहत तय किए गए अनिवार्य सुरक्षा मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। पानी में व्यावसायिक रूप से चलने वाले हर जहाज का पंजीकरण और यात्रियों का पूर्ण बीमा होना कानूनी रूप से जरूरी है। जहाज संचालक ने क्रूज का बीमा होने का जो दावा किया था, वह जांच में पूरी तरह झूठा और फर्जी निकला। रिसॉर्ट के नाम पर बने कागजात दिखाकर यात्रियों की सुरक्षा के साथ जानबूझकर धोखाधड़ी की गई।

    अन्य राज्यों की तुलना में मध्य प्रदेश की लचर प्रशासनिक व्यवस्था
    जल पर्यटन को सुरक्षित बनाने के मामले में मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। देश के दूसरे राज्यों जैसे गोवा, महाराष्ट्र और केरल ने जल परिवहन को लेकर बेहद कड़े नियम लागू किए हैं। उदाहरण के लिए गोवा के 2005 के नियमों के तहत हर यात्री का कम से कम 2 लाख स्वच्छता प्रोटोकॉल के अनुरूप हो कचरे के संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं निस्तारणे का बीमा होना, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉटर स्पोर्ट्स से फिटनेस प्रमाण पत्र लेना और पूरी तरह प्रशिक्षित चालक दल का होना अनिवार्य है। मध्य प्रदेश में इन सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

    मौसम विभाग के अलर्ट को नजरअंदाज करने का खतरनाक खेल
    मौसम विज्ञान विभाग के 2021 के मानक संचालन प्रक्रिया के खंड 1.4 और 1.4.3 के तहत देश में तीन स्तरीय मौसम पूर्वानुमान प्रणाली काम करती है। इसके अनुसार राज्य मौसम पूर्वानुमान केंद्र को पर्यटन स्थलों के लिए विशेष अलर्ट जारी करना होता है। बरगी डैम हादसे के दिन भी विभाग द्वारा समय पर आंधी-तूफान की स्पष्ट चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद पर्यटन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण क्रूज हादसा घटित हुआ।

    Share:

  • एक्सीडेंट के बाद वाहनों में लगी आग, एक की मौत

    Mon Jun 8 , 2026
    जबलपुर। माढ़ोताल थाना अंतर्गत खजरी खिरिया बाईपास पर रविवार रात करीब 2 बजे एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना सामने आई। एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार हाईवा ने आगे चल रहे स्कूटी सवार युवक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। यह भिड़ंत इतनी तीव्र थी कि स्कूटी सीधे हाईवा के निचले हिस्से में फंस गई और […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved