इंदौर न्यूज़ (Indore News)

दिग्गी ने किया तोमर पर कटाक्ष, आप किसान नहीं समाजसेवी हैं


किसान आंदोलन खत्म करने की अपील का कृषि मंत्री के 8 पेज का पत्र का दिया, बिन्दुवार जवाब भी
इन्दौर। केंद्र सरकार के तीन कृषि अधिनियमों का विरोध दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसानों द्वारा किया जा रहा है। इस संबंध में पिछले दिनों कृषि मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर ने 8 पेज का पत्र किसानों के नाम लिखा, जिसका जवाब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजयसिंह ने बिन्दुवार दिया है। दिग्गी ने यह भी चुटकी ली कि मैं पिछले तीस सालों से आपको जानता हूं, लेकिन ऐसा लगता है किसानों को लिखे पत्र का मजमून किसी और ने तैयार किया और आपने सिर्फ मजबूरी में हस्ताक्षर किए हैं। 2014 के चुनावी शपथ पत्र में आपने यह भी स्वीकार किया कि आपके पास कोई कृषि भूमि नहीं है और व्यवसाय के कॉलम में किसान के बजाए खुद को समाजसेवी बताया है। लिहाजा किसानों का दर्द समझ नहीं आ सकता। दिग्गी ने आठ पेज के पत्र में भाजपा और संघ पर भी हमले बोले हंै।
इन दिनों केंद्र सरकार खुद को किसानों का मसीहा बताने पर अड़ी है और दूसरी तरफ आंदोलनरत किसान और उनके संगठन बिना कानून की वापसी के किसी अन्य प्रावधान को मानने से इनकार कर चुके हैं। कल भी किसान संघ ने बयान दिया कि केंद्र सरकार संशोधन की बात को निरंतर न दोहराए, बल्कि ठोस प्रस्ताव भिजवाए, तभी खुले दिमाग से बातचीत की जा सकती है। इधर इस लड़ाई में वरिष्ठ कांग्रेसी और राज्यसभा सांसद दिग्विजयसिंह भी कूदे और उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर द्वारा किसानों को लिखे पत्र का बिन्दुवार जवाब देते हुए सलाह भी दी कि सरकार तीनों कानून वापस ले और नए कानून को संसद की प्रवर समिति में रखकर किसान संगठनों से चर्चा करने के बाद संसद में कानून पारित करे, ताकि कार्पोरेट घरानों की जगह किसानों के हितों का संरक्षण हो सके। दिग्गी ने अपने इस पत्र की शुरुआत में तोमर को किसान के बजाए समाजसेवी बताया और कहा कि उन्होंने मजबूरी में आठ पेजी पत्र पर हस्ताक्षर किए हंै। कांग्रेस सहित सभी पक्षधरों द्वारा विधेयक पर चर्चा कराने की मांग को केंद्र द्वारा निरस्त कर दिया गया था, जबकि संसदीय परम्पराओं में यदि एक भी सदस्य मत विभाजन की मांग करता है तो लोकसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, राज्यसभा सभापति, उपसभापित को मत विभाजन की मांग स्वीकार करने की बाध्यता है, लेकिन सभी संसदीय परम्पराओं को ठुकराते हुए मनमाने तरीके से बिल पास कराए जाने के चलते अन्नदाता 28 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
इन्दौर में भी होगा मोदी के कार्यक्रम का प्रसारण
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 25 दिसम्बर को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत 18 हजार करोड़ की राशि के वितरण का कार्यक्रम ऑनलाइन आयोजित किया गया है, जिसमें प्रदेश के 78 लाख किसानों को सम्मान निधि का लाभ दिया जाएगा। इन्दौर जिले में भी कार्यक्रम जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाएंगे और मोदी के प्रसारण का भाषण भी होगा। कलेक्टर मनीषसिंह ने जिले के पीएम किसान सम्मान निधि योजना के सभी पात्र हितग्राहियों से अपील की है कि इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक सहभागिता करें और वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाएं। सीईओ जिला पंचायत हिमांशु चंद्र को इस कार्यक्रम का नोडल अधिकारी बनाया गया है।

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