
नई दिल्ली. पाकिस्तान (Pakistan) की सेना ने हाल ही में अपनी स्वदेशी विकसित फतेह-II मिसाइल (Fateh-2 missile) सिस्टम का सफल ट्रेनिंग लॉन्च किया है. आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड ने यह परीक्षण किया. यह मिसाइल पाकिस्तान की अपनी कंपनी ग्लोबल इंडस्ट्रियल एंड डिफेंस सॉल्यूशंस (GIDS) द्वारा बनाई गई है. GIDS पाकिस्तान की सरकारी डिफेंस कंपनी है.
फतेह-II एक गाइडेड मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (GMLRS) है, यानी यह कई रॉकेट एक साथ छोड़ सकता है और बेहतर निशाना लगा सकता है. इसमें आधुनिक एवियोनिक्स यानी एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और बेहतरीन नेविगेशन सिस्टम लगे हैं. पाकिस्तान का दावा है कि यह रूस के टॉरनेडो-S और चीन के PHL-191 जैसा है.
फतेह-II परीक्षण का उद्देश्य क्या था?
पाकिस्तानी सेना ने कहा कि यह लॉन्च ट्रेनिंग के लिए किया गया था. इसमें सैनिकों को ट्रेनिंग देने, मिसाइल के अलग-अलग टेक्निकल हिस्सों को चेक करने और सिस्टम की परफॉर्मेंस देखने का मकसद था. इसकी एक्यूरेसी यानी निशाना लगाने की सटीकता और सर्वाइवेबिलिटी यानी दुश्मन के हमले से बचने की क्षमता को परखा गया. फतेह-II में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट नेविगेशन सिस्टम है जो इसे बेहतर तरीके से लक्ष्य तक पहुंचाता है. पाकिस्तान इसे अपनी सेना में शामिल कर रहा है ताकि लड़ाई में लंबी दूरी तक सटीक हमला किया जा सके.
फतेह-II की रेंज और खास क्षमताएं
फतेह-II की अधिकतम रेंज 400 किलोमीटर तक है. यह एक लंबी दूरी का प्रिसीजन स्ट्राइक रॉकेट है. इसमें यूनिक ट्रैजेक्टरी और मैन्यूवर करने की क्षमता है, जिससे यह बीच में रास्ता बदल सकता है. पाकिस्तान का कहना है कि इससे यह किसी भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सकता है.
यह सुपरसोनिक स्पीड से उड़ता है और सैटेलाइट गाइडेंस के साथ बेहद सटीक निशाना लगा सकता है. इसमें कन्वेंशनल वॉरहेड लगाया जा सकता है. फतेह-I की रेंज 140-150 किलोमीटर थी, लेकिन फतेह-II ने इसे बहुत बढ़ा दिया है. यह सिस्टम पहिएदार लॉन्चर पर लगा होता है और दो बड़े रॉकेट ले जा सकता है.
भारत के कौन से शहर फतेह-II की रेंज में आते हैं?
फतेह-II की 400 किलोमीटर रेंज को देखें तो पाकिस्तान की सीमा से कई भारतीय शहर इसके दायरे में आ सकते हैं. लाहौर जैसे इलाके से लॉन्च करने पर अमृतसर सिर्फ 50 किलोमीटर दूर है, इसलिए पूरी तरह रेंज में. चंडीगढ़ लगभग 250 किलोमीटर की दूरी पर है. जम्मू, पठानकोट, जालंधर, लुधियाना और पंजाब के कई इलाके आसानी से इसके निशाने पर आ सकते हैं. हरियाणा के कुछ हिस्से जैसे सिरसा भी रेंज में हैं.
दिल्ली लाहौर से लगभग 425 किलोमीटर दूर है, इसलिए सीमा के करीब से लॉन्च करने पर दिल्ली और उसके आसपास के इलाके भी खतरे में आ सकते हैं. जयपुर लगभग 535 किलोमीटर दूर है. कुल मिलाकर उत्तर भारत के पश्चिमी और उत्तरी हिस्से, खासकर पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के बड़े इलाके इसकी रेंज में हैं.
भारत के पास समान या ज्यादा रेंज वाले मिसाइल कौन से हैं?
भारत के पास फतेह-II जितनी या उससे ज्यादा रेंज वाले कई मिसाइल सिस्टम हैं. पिनाका रॉकेट सिस्टम का मौजूदा वर्जन 75-120 किलोमीटर तक जाता है, लेकिन भारत अब 400 किलोमीटर तक की एक्सटेंडेड रेंज वाले पिनाका Mk5 और Mk6 विकसित कर रहा है ताकि फतेह-II का मुकाबला किया जा सके.
पृथ्वी-II मिसाइल की रेंज 350 किलोमीटर है. सबसे करीबी और बेहतर विकल्प प्रलय (Pralay) टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी रेंज 150 से 500 किलोमीटर तक है. यह क्वासी-बैलिस्टिक है. बहुत तेजी से निशाना मार सकती है. ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की रेंज 300-500 किलोमीटर है.
यह जमीन, समुद्र या हवा से लॉन्च हो सकती है. इसके अलावा अग्नि-1 की रेंज 700 किलोमीटर से ज्यादा है. यानी भारत के पास न सिर्फ समान रेंज, बल्कि ज्यादा रेंज और बेहतर टेक्नोलॉजी वाले हथियार मौजूद हैं.
क्या भारत की मिसाइल डिफेंस सिस्टम फतेह-II को रोक सकता है?
फतेह-II में मैन्यूवरेबल फीचर और खास ट्रैजेक्टरी है, इसलिए पाकिस्तान दावा करता है कि इसे रोकना मुश्किल है. लेकिन भारत की एयर डिफेंस सिस्टम काफी मजबूत है. भारत के पास S-400, बराक-8 (MR-SAM), आकाश और बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम हैं.
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में फतेह-II जैसी मिसाइलों को बराक-8 से सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है. दिल्ली की ओर निशाना बनाकर दागी गई मिसाइल को हरियाणा के सिरसा में मार गिराया गया था. भारत की लेयर्ड डिफेंस यानी कई परतों वाली सुरक्षा व्यवस्था छोटी-बड़ी दूरी की धमकियों को रोकने में सक्षम है. कुल मिलाकर विशेषज्ञों के अनुसार भारत की मौजूदा सिस्टम फतेह-II को रोकने की क्षमता रखते हैं.
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