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‘बुलडोजर का डर’ और यूसुफ पठान की बगावत! महुआ मोइत्रा के दावे से बंगाल की सियासत में नया बवाल

June 16, 2026

कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में ताजा उठापटक के बीच पूर्व क्रिकेटर और बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान (Yusuf Pathan) को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से दूरी बनाने और बागी खेमे के साथ जाने के बाद अब पार्टी के नेताओं ने उन पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए हैं। इस बीच, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) और आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी (Aga Syed Ruhullah Mehdi) के बयानों ने नए विवाद को जन्म दे दिया है।


  • संसद की घटना का दावा, ‘डर गए थे यूसुफ’

    श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संसद के एक पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए दावा किया कि विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान यूसुफ पठान अचानक पीछे हट गए थे।

    मेहदी के मुताबिक, सदन में एक वरिष्ठ मुस्लिम सांसद ने कथित तौर पर यूसुफ पठान को बीजेपी के खिलाफ मुखर विरोध न करने की सलाह दी थी। उन्होंने दावा किया कि यूसुफ ने बाद में बताया था कि उन्हें गुजरात में संभावित “बुलडोजर कार्रवाई” को लेकर चेतावनी दी गई थी।

    महुआ मोइत्रा ने लिया नाम

    मेहदी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि यूसुफ पठान को चेतावनी देने वाले नेता Asaduddin Owaisi थे। महुआ ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए कहा कि उन्हें यह घटना याद है और उसी दौरान उन्होंने यूसुफ को भरोसा दिलाया था कि पार्टी उनके साथ खड़ी है।

    यूसुफ के बागी रुख पर नाराजगी जाहिर करते हुए महुआ ने उन पर तीखी टिप्पणी भी की और कहा कि उन्होंने पार्टी का भरोसा तोड़ा।

    ‘बुलडोजर डर’ के पीछे क्या वजह?

    राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि गुजरात के वडोदरा में यूसुफ पठान से जुड़ा कथित जमीन विवाद उनके राजनीतिक रुख को प्रभावित करने वाला कारण हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    अभी तक नहीं आई प्रतिक्रिया

    महुआ मोइत्रा और रूहुल्लाह मेहदी के दावों पर अब तक न तो यूसुफ पठान और न ही असदुद्दीन ओवैसी की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। ऐसे में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

    TMC में बढ़ा सियासी संकट

    उधर, तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी संकट भी गहराता दिख रहा है। बागी सांसदों के एक गुट ने कथित तौर पर Nationalist Citizens Party of India (NCPI) के साथ जाने का फैसला किया है और लोकसभा में अलग पहचान की मांग उठाई है।

    इस बीच, Abhishek Banerjee ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla से कथित बागी गुट को मान्यता न देने की मांग की है। वहीं Sudip Bandyopadhyay ने संकेत दिया है कि मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंच सकता है।

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