नई दिल्ली। पंजाब की राजनीति (Politics of punjab) में जारी उथल-पुथल के बीच राघव चड्ढा (Raghav Chaddha) ने बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में आम आदमी पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए चड्ढा अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। यह बैठक 5 मई को सुबह 10:40 बजे तय की गई है, जिसमें उनके साथ तीन अन्य सांसद भी मौजूद रहेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य एजेंडा पंजाब की भगवंत मान सरकार पर गंभीर आरोपों को राष्ट्रपति के सामने रखना है। सांसदों का दावा है कि राज्य सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है और पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
समाचार एजेंसी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करेगा और आरोप लगाएगा कि पंजाब में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हो रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब 24 अप्रैल 2026 को राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों ने ‘आप’ से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। इनमें संदीप पाठक, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं। दो-तिहाई संख्या होने के कारण इन सांसदों के भाजपा में विलय को राज्यसभा सभापति ने मंजूरी भी दे दी है।
इसी बीच, संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस द्वारा गैर-जमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज किए जाने से विवाद और गहरा गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम दिल्ली भी पहुंची, लेकिन पाठक उससे पहले ही अपने निवास से निकल गए।
राजनीतिक घटनाक्रम यहीं नहीं रुका। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ट्राइडेंट लिमिटेड के परिसर पर छापेमारी और सांसद राजिंदर गुप्ता से जुड़े मामलों ने भी सियासी बहस को तेज कर दिया है। इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लिए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
पूरा मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है और 5 मई को राष्ट्रपति से होने वाली मुलाकात के बाद इस राजनीतिक विवाद में नई दिशा देखने को मिल सकती है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved