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सरकारी स्कूलों की स्थिति पर मचा सियासी घमासान, बयानबाजी में भिड़े AAP और BJP

नई दिल्ली। दिल्ली से लेकर गुजरात (Gujarat) तक सोमवार को सरकारी स्कूलों के मुद्दे को लेकर जमकर सियासत हुई। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सोमवार को गुजरात के स्कूलों की हालत देखने पहुंचे। इधर, दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद व विधायक भी दिल्ली सरकार के स्कूलों में पहुंच गए। सिसोदिया ने कहा कि भाजपा के 27 साल के राज के बाद भी गुजरात के सरकारी स्कूलों (government schools) की स्थिति बेहद खराब है। वहीं, भाजपा विधायकों और सांसदों ने दिल्ली सरकार (Delhi Government) के दावे को झूठा बताते हुए कहा कि दिल्ली के स्कूल खतरनाक इमारतों में चल रहे हैं।

सिसोदिया (Sisodia) ने कहा कि गुजरात में भाजपा ने स्कूलों को बर्बाद करने का काम किया है। खुद गुजरात के शिक्षा मंत्री के गृहनगर भावनगर के दो सरकारी स्कूलों में दौरे करके पाया कि स्कूलों में शौचालय तक नहीं हैं, गंदगी की भरमार है। उन्होंने दावा किया है कि गुजरात के 13,000 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी कंप्यूटर नहीं है और 700 स्कूल ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक है।



दौरे से भाजपा घबराई!
सिसोदिया ने कहा कि उनके दौरे से भाजपा घबरा गई है। यही वजह है कि उसने अपने कुछ सांसदों व विधायकों को दिल्ली के स्कूल देखने के लिए भेज दिया है। सारे सांसद दिनभर पसीने में तर-बतर हो गए है, लेकिन उन्हें कोई भी कमी नहीं मिल पाई। मुझे गर्व है कि कम से कम शिक्षा पर राजनीति तो हो रही है।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा के सांसदों व विधायकों को दिल्ली के स्कूलों में जब बिना डेस्क के बच्चे नहीं दिखे, मकड़ी के जाल नहीं दिखे तो वे टूटी टाइल, दीवारें जो काली हो गई हैं, उन्हें दिखा रहे हैं।

गुजरात के मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री (Chief Minister and Education Minister) को दिया दिल्ली आने का निमंत्रण: उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुजरात के मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री को दिल्ली सरकार के स्कूलों को आकर देखने का आमंत्रण दिया और कहा कि वे आकर हमारे सरकारी स्कूलों देखें और शिक्षा पर बात करें।

दिल्ली में जर्जर इमारतों में पढ़ रहे हैं बच्चे : भाजपा
भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के सांसदों और दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने भी दिल्ली के विभिन्न सरकारी स्कूलों का दौरा किया। नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मुस्तफाबाद और सांसद प्रवेश साहिब सिंह एवं रमेश बिधूड़ी ने अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत का जायजा लिया।

रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि पिछले सात साल में मुस्तफाबाद में चल रहे माध्यमिक स्कूल की दिल्ली सरकार इमारत तक नहीं बना पाई। आज चार शिफ्टों में चलने वाले इस विद्यालय में लगभग 6000 छात्र-छत्राएं पढ़ते हैं।

वहीं सांसद प्रवेश साहिब सिंह ने पंडवाला खुर्द के दिल्ली सरकार के स्कूल का दौरा किया। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में जाकर दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री विद्यालयों का भ्रमण कर रहे हैं, लेकिन दिल्ली के स्कूलों की स्थिति क्या है, उसको जानने की कोशिश तक नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस स्कूल में मैं गया उसे जर्जर घोषित कर दिया गया है। उसके बाद भी बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, मतलब यह कि दिल्ली सरकार दिल्ली के बच्चों की जान जोखिम में डाल रही है।

शिक्षकों और सफाईकर्मियों की कमी
सांसद बिधूड़ी ने दिल्ली सरकार के पांच स्कूलों का निरीक्षण किया और कहा कि दिल्ली के अधिकतर विद्यालयों में शिक्षकों एवं सफाईकर्मियों की कमी है। राजकीय उच्च माध्यमिक बाल विद्यालय नंबर दो रेलवे कॉलोनी, मोलड़बंद में स्कूल एवं बच्चन प्रसाद सीनियर सेकेंडरी स्कूल देवली में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। सिर्फ पोस्टर के जरिए लिख दिया जाता है कि काम प्रगति पर है।

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