
मैहर। मैहर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। गरीबों और पात्र हितग्राहियों को मिलने वाले खाद्यान्न में भारी अनियमितता पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय उचित मूल्य दुकान गौरैया के विक्रेता और समिति प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। मामले का खुलासा जांच के दौरान हुआ, जिसमें पाया गया कि उपभोक्ताओं से मशीन में अंगूठा लगवाने के बावजूद उन्हें राशन नहीं दिया गया और सरकारी खाद्यान्न का गबन किया गया।
बिदिशा मुखर्जी के निर्देशन में जिले में राशन वितरण व्यवस्था की जांच कराई जा रही थी। इसी दौरान सेवा सहकारी समिति बरा खुर्द द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान गौरैया में गंभीर गड़बड़ी सामने आई। जांच में पता चला कि दुकान के विक्रेता धनीराम दहिया और समिति प्रबंधक कमलेश विश्वकर्मा ने जनवरी 2026 से जून 2026 तक खाद्यान्न वितरण में भारी अनियमितता की। प्रशासनिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि कई उपभोक्ताओं के आधार आधारित ई-पॉस मशीन में अंगूठे लगवाए गए, जिससे रिकॉर्ड में राशन वितरण दर्शाया गया, लेकिन वास्तविकता में पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न नहीं दिया गया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार उचित मूल्य दुकान गौरैया में लाखों रुपये मूल्य का खाद्यान्न वितरण नहीं किया गया। रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन में भारी अंतर पाया गया। प्रशासन के मुताबिक निम्न खाद्यान्न हितग्राहियों तक नहीं पहुंचाया गया 552 क्विंटल गेहूं, जिसकी कीमत लगभग 15 लाख 52 हजार 691 रुपये 181 क्विंटल चावल, जिसकी कीमत 7 लाख 27 हजार 861 रुपये,3.48 क्विंटल शक्कर, जिसकी कीमत 16 हजार 704 रुपये,29.38 क्विंटल नमक, जिसकी कीमत 28 हजार 645 रुपये इस प्रकार कुल 23 लाख 25 हजार 901 रुपये मूल्य के खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी सामने आई है।
मामले को गंभीर आर्थिक अनियमितता मानते हुए एसडीएम मैहर ने विक्रेता धनीराम दहिया और समिति प्रबंधक कमलेश विश्वकर्मा के खिलाफ 23 लाख 25 हजार 901 रुपये की वसूली निर्धारित की है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी राशन गरीबों तक पहुंचाने के बजाय उसका दुरुपयोग किया गया, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
पूरे मामले की जांच के बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा थाना बदेरा में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 316(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। इसके अलावा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत भी मामला कायम किया गया है।
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जिले की अन्य उचित मूल्य दुकानों की भी जांच की जा रही है और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी वहां कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद राशन दुकानों में हड़कंप की स्थिति है। वहीं ग्रामीणों और हितग्राहियों ने प्रशासनिक कार्रवाई का स्वागत करते हुए दोषियों पर सख्त दंड की मांग की है।
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