
– डीआरआई के ‘ऑपरेशन एयरोब्रिजÓ में खुलासा, इमिग्रेशन और कस्टम्स जांच को दरकिनार कर चलता था पूरा नेटवर्क
– अबूधाबी से आने वाला यात्री एयरोब्रिज पर ही एयर इंडिया एक्सप्रेस कर्मचारी को सौंप देता था सोना
इंदौर। अबूधाबी (Abu Dhabi) से इंदौर (Indore) आने वाली फ्लाइट से पकड़े गए 1.02 किलो 24 कैरेट सोने (Gold), जिसकी कीमत करीब 1.44 करोड़ रुपए है, की तस्करी के मामले में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने पूरे नेटवर्क के काम करने के तरीके का खुलासा किया है। डीआरआई ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन एयरोब्रिजÓ नाम दिया है। जांच में सामने आया कि तस्करों ने कस्टम्स और इमिग्रेशन जांच से बचने के लिए एयरोब्रिज को ही तस्करी का सबसे बड़ा जरिया बना लिया था।
अबूधाबी से आने वाला यात्री विमान से उतरने के बाद कस्टम्स आगमन क्षेत्र में जाने से पहले ही एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक कर्मचारी को सोना सौंप देता था। इसके बाद कर्मचारी एयरोब्रिज की सीढ़ियों से सीधे रनवे की ओर टारमैक पर उतरता था। यहां से टर्मिनल में प्रवेश कर नीचे से ही बाहर निकल जाता था। इसके बाद एयरपोर्ट के बाहर इंतजार कर रहे गिरोह के सदस्यों तक सोना पहुंचा देता था। डीआरआई के अनुसार उसे पहले से सूचना मिली थी कि देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर सक्रिय एक संगठित गिरोह विदेशी मूल के सोने की तस्करी कर रहा है और इसमें एयरपोर्ट पर कार्यरत कुछ लोगों की भी भूमिका है। इसके बाद कई दिनों तक गुप्त निगरानी की गई और 3 अगस्त को जाल बिछाकर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया। टीम ने सोना लाने वाले यात्री गोविंद पोरवाल, एयर इंडिया एक्सप्रेस के कर्मचारी वासुदेव, सराफा व्यापारी संजय मुंजे और कस्टम विभाग के एक्जीक्यूटिव असिस्टेंट अजयकुमार सेन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

कार रोकी तो खुला पूरा राज
डीआरआई अधिकारियों ने 3 अगस्त को एयरपोर्ट के बाहर निगरानी के दौरान एक नीले रंग की हुंडई कार को एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश करते देखा। कुछ देर बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस की वर्दी पहना एक कर्मचारी कार तक पहुंचा और उसमें बैठे लोगों को एक पैकेट सौंप दिया। पैकेट मिलते ही कार बाहर निकलने लगी, लेकिन पहले से घेराबंदी कर चुके डीआरआई अधिकारियों ने उसे रोक लिया। तलाशी के दौरान कार के ग्लव बॉक्स से चांदी के रंग के दो धातु के कड़े मिले। जब उनकी बाहरी परत हटाई गई तो वे 24 कैरेट सोने के निकले, जिन पर पहचान छिपाने के लिए चांदी की परत चढ़ाई गई थी।
पहले हुई तस्करी की भी हो रही जांच
डीआरआई अधिकारियों ने इससे पहले भी सूचना मिलने पर दो बार एयरपोर्ट पर जांच की थी, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा था। इसके बाद पूरे मामले की गहराई से जांच करने पर यह पूरा तरीका और नेटवर्क पकड़ा गया। अब अधिकारी इससे पूर्व में हुई तस्करी में लाए गए सोने की भी रिकवरी का प्रयास कर रहे हैं।
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