
– 17 अगस्त को निर्माणाधीन ब्रिज के पास धरना-प्रदर्शन
– रेलवे के हिस्से के कार्य में देरी पर क्षेत्रवासियों में आक्रोश
इंदौर। मांगलिया रेलवे ब्रिज (Manglia railway bridge) का निर्माण कार्य (Construction work) पिछले तीन वर्षों से धीमी गति से चल रहा है। इसके चलते मांगलिया-व्यासखेड़ी मार्ग बंद होने से ग्रामीणों, मजदूरों, फैक्ट्रीकर्मियों और स्कूली छात्र-छात्राओं (schoolgirls ) को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक दिक्कत आसपास के गांवों की छात्राओं को हो रही है, जिन्हें स्कूल पहुंचने के लिए प्रतिदिन 5-6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। कई छात्राएं सुनसान और असुरक्षित रास्तों से होकर स्कूल जाने को विवश हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। प्रदेश किसान कांग्रेस के महामंत्री एवं किसान नेता हंसराज मंडलोई ने कहा कि पीडब्ल्यूडी अपने हिस्से का निर्माण कार्य कर रही है, लेकिन रेलवे विभाग का ठेकेदार पिछले करीब दो वर्षों से रेलवे लाइन के ऊपर होने वाला कार्य शुरू नहीं कर पाया है। इससे पूरा ब्रिज निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है और क्षेत्र की जनता लगातार परेशानी झेल रही है। आसपास के गांवों के अलावा ईंट भट्टों पर कार्य करने वाले बिहार के श्रमिकों की बेटियां भी मांगलिया हायर सेकंडरी स्कूल में अध्ययन करती हैं। सड़क बंद होने से उन्हें लंबा और जोखिम भरा रास्ता तय करना पड़ता है। यदि किसी छात्रा के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, इसका जवाब सरकार और जनप्रतिनिधियों को देना चाहिए।
17 अगस्त को होगा धरना-प्रदर्शन
हंसराज मंडलोई ने बताया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 17 अगस्त (सोमवार) सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक निर्माणाधीन मांगलिया रेलवे ब्रिज के पास क्षेत्रीय निवासी, स्कूली छात्र-छात्राएं, महिलाओं, फैक्ट्रीकर्मियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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