
उज्जैन। शहर में चारों तरफ कीचड़ फैल गया है और दूसरे दिन भी बारिश हुई। टाटा कंपनी भी लाईन डालने के लिए सड़क के बीच खुदाई कर रही है और सीमेंटीकरण नहीं कर रही है। टाटा कंपनी जो खुदाई कर रही है, उसकी मॉनीटरिंग करने वाला कोई नहीं है। पीएचई के इंजीनियरों को खड़े रहकर पाईप लाईन बिछाने के बाद नालियों तथा खुदी हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत करानी चाहिए। बारिश में यह गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं।
कल दिन भर उमस के बाद दोपहर में अचानक तेज बारिश शुरु हो गई थी। करीब एक घंटे पानी बरसा। यह इस सीजन की दूसरी जोरदार बारिश थी। इस दौरान शहर में टाटा कंपनी द्वारा भूमिगत सीवरेज लाईन डालने के काम में बरती जा रही ढिलाई और काम में लापरवाही ने पूरे शहर की सड़कों पर कीचड़ फैलाकर रख दिया। सेठी नगर के समीप छाया नगर कॉलोनी में टाटा कंपनी द्वारा सीवरेज लाईन डालने का काम शुरु किया गया है। इसके लिए कंपनी ने 15 दिन पहले सड़क की खुदाई की थी और उसे ऐसे ही छोड़ दिया था। कल दोपहर में हुई तेज बारिश से खोदे हुए गड्ढों में पानी भर गया। हैरत की बात यह है कि शहर के अन्य इलाकों में भी टाटा कंपनी की लापरवाही के कारण पिछले 8 साल से खासकर बारिश ने शहरवासी परेशानी भोग रहे हैं। बरसात में पहले दिन टाटा द्वारा खोदे गए गड्ढों में पानी भर जाने के कारण कई सड़क हादसे हो चुके हैं और अनेक लोगों की जान भी जा चुकी है। फिर भी खुदाई के वक्त मॉनिटरिंग के लिए नगर निगम या पीएचई का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं रहता। जबकि नियमानुसार सड़क खुदाई के बाद तत्काल टाटा कंपनी को पाईपलाईन डालकर खोदी गई सड़क का व्यवस्थित सीमेंटीकरण करना चाहिए।