
इंदौर, सुनील नावरे। अब तक नगर निगम शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रापर्टी टैक्स के मामले में कई जगह चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नोटिस जारी करता रहा है, लेकिन कई लोग आवासीय मामला बताकर पल्ला झाड़ लेते रहे हैं। इसी के चलते निगम कमिश्नर के निर्देश पर अब विद्युत विभाग की टीमों के साथ सामंजस्य कर ऐप के माध्यम से शहरभर के कमर्शियल विद्युत कनेक्शनों की पड़ताल की जा रही है। इस पड़ताल के आधार पर संबंधितों की सूची भी बनाकर निगम उन्हें कमर्शियल टैक्स देने के लिए नोटिस जारी करेगा। शहरभर में 8 लाख से ज्यादा विद्युत कनेक्शन हैं। इनमें से करीब डेढ़ लाख कनेक्शन व्यावसायिक हैं।
अब तक नगर निगम कई वर्षों पुराने क्षेत्रों में आवासीय के मान से ही सम्पत्ति कर वसूलता रहा है, लेकिन इनमें से कई क्षेत्रों में अब व्यावसायिक गतिविधियां बड़े पैमाने पर बीते कुछ सालों में शुरू हुई हैं और संबंधित करदाताओं द्वारा आवासीय के मान से निगम में टैक्स जमा किया जा रहा है। पिछले दिनों इस मामले को लेकर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने राजस्व विभाग के अफसरों को निर्देश दिए थे कि वे अपने-अपने झोन के अंतर्गत पुराने और नए क्षेत्रों में जाकर इस बात की पड़ताल करें कि किन-किन स्थानों पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं और वहां के करदाताओं द्वारा आवासीय के मान से निगम को टैक्स दिया जा रहा है।
इसी के चलते विद्युत विभाग के अफसरों से बिजली कनेक्शन को लेकर जानकारियां निगम द्वारा मंगवाई गई हैं। इसके साथ ही विद्युत अधिकारियों की मदद से ऐप डाउनलोड किया गया है, जिसमें राजस्व विभाग की टीम पड़ताल कर रही है कि किन-किन क्षेत्रों में कौन-कौन लोगों ने व्यावसायिक बिजली कनेक्शन ले रखे हैं और ऐसे लोगों के नाम, पतों के आधार पर खातों में मिलान किया जा रहा है, ताकि सारी स्थिति सामने आ सके। विद्युत विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शहर में 8 लाख से ज्यादा बिजली कनेक्शन हैं। इनमें से डेढ़ लाख कनेक्शन व्यावसायिक हैं, जबकि इससे काफी कम लोग व्यावसायिक के मान से निगम में कर जमा कराते हैं।
कमिश्नर के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीमें अलग-अलग झोन के अंतर्गत बिजली कनेक्शनों के आधार पर मकानों के आवासीय और व्यावसायिक कनेक्शनों के खातों से लेकर मौके पर जाकर पड़ताल कर रही हैं, ताकि सारी स्थिति सामने आ सके। कई बार लोगों द्वारा आवासीय गतिविधियां बताई जाती हैं, जबकि वहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती पाई गई हैं।
श्रृंगार श्रीवास्तव,
अपर आयुक्त, राजस्व विभाग
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