इंदौर न्यूज़ (Indore News)

शहर में कई जगह बड़ी लाइनें छोटी लाइनों में मिला दीं, अब चेंबर हो रहे हैं चोक

– कान्ह-सरस्वती के 435 और नालों के 1300 आउटफाल्स बंद किए
– झोनलों के माध्यम से ठेकेदारों से कराए गए कार्यों में की गई लापरवाही
– एक हजार एमएम डाया की लाइनें 700-800 डाया लाइनों में जोड़ दीं
-10 एसटीपी तैयार भी किए और हर रोज 312 एमएलडी ड्रेनेज का पानी साफ किया जा रहा है
इन्दौर। नगर निगम (municipal Corporation)  ने बीते डेढ़ सालों में शहरभर के गली-मोहल्लों में खुदाई कार्य बड़े पैमाने पर शुरू कर नदी-नालों में मिलने वाली ड्रेनेज लाइनों (Drainage Lines) को रोकने के लिए आउटफाल्स बंद करने का अभियान शुरू किया था। इसके तहत कान्ह और सरस्वती में मिलने वाले गंदे पानी के 435 आउटफाल्स बंद किए गए, वहीं नालों के सर्वाधिक 1300 आउटफाल्स बंद करने का दावा किया गया। इसके बाद नाला टेपिंग (Nala Taping) का कार्य बड़े पैमाने पर हुआ, लेकिन इस कार्य के बाद एकनई मुसीबत भी सामने आ रही है। कई वार्डों में कराए गए नाला टेपिंग के दौरान बड़ी लाइन छोटी लाइनों से जोड़ दी गई, जिसकी पोल मानसून के पूर्व हुई बारिश ने खोल दी। इस दौरान अनूप नगर से लेकर पीपल्याहाना सहित कई क्षेत्रों में पानी भर गया। ड्रेनेज लाइनों का पानी आगे नहीं जा पाने के कारण कई जगह चेंबरों के लिए डाले गए पाइप तोडक़र पानी की निकासी करनी पड़ी। अब निगम जहां भी इस प्रकार की शिकायतें आ रही हैं, वहां फिर काम शुरू कराएगा।


सबसे पहले 2005 में प्रोजेक्ट अमृत ( Project Amrit) के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (Sewerage Treatment Plant) (एसटीपी) बनाने का काम शुरू किया गया। प्रारंभिक दौर में पांच स्थानों पर एसटीपी बनाए गए थे। इनमें नहर भंडारा, प्रतीक सेतु प्राणी संग्रहालय के समीप, बिजलपुर तालाब के समीप, राधास्वामी परिसर के पिछले हिस्से में बनाए गए एसटीपी अब पूरी क्षमता से चल रहे हैं। इसके लिए शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में नाला टेपिंग का कार्य शुरू किया गया था और विभिन्न नालों में छोड़े गए गंदे पानी के आउटफाल्स बंद करने का काम शुरू किया गया था। इस कार्य के बेहतर परिणाम देख निगम के अधिकारियों ने बाद में स्मार्ट सिटी और निगम मद से भी अन्य एसटीपी बनाने की तैयारियां शुरू की थीं और इसके लिए करोड़ों का बजट भी मंजूर किया गया था। सबसे पहले शेष बचे स्थानों पर गंदे पानी के आउटफाल्स के लिए सर्वे का काम शुरू किया गया। सभी 19 झोनलों की टीम ने अपने-अपने क्षेत्रों में नदी-नालों में गिरने वाले गंदे पानी के आउटफाल्स रोकने के लिए उनका सर्वे किया और स्थानों की सूची बनाई थी। इस सूची के आधार पर निगम ने फिर से नाला टेपिंग कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रियाएं जारी की।


600 एमएम के पाइप 450 एमएम पाइपों में जोड़ दिए
कई स्थानों पर नाला टेपिंग के बाद ड्रेनेज लाइनों के लिए जगह-जगह खुदाई करने के साथ बिना लेवल मिलाए लाइनें बिछा दी गईं और 600 एमएम डाया की लाइनें 450 एमएम की डाया लाइनों में मिला दी गई थीं। इसके अलावा उन स्थानों पर लेवल मिलाए बगैर मिट््टी बिछाकर सडक़ निर्माण कार्य कर दिया गया। इसके साथ-साथ पेवर ब्लाक भी लगा दिए गए और कई जगह बारिश के दौरान चेंबर चोक होने की शिकायतें आई थीं, क्योंकि लेवल नहीं मिलने के कारण पानी का फ्लो रुकेगा और उसका प्रवाह कई जगह अवरुद्ध होगा।
कई वार्डों में घटिया कार्यों की शिकायत
नगर निगम ने बड़े पैमाने पर नाला टेपिंग कार्य के लिए झोनलों के माध्यम से भी यह कार्य कराए थे। इसके साथ अनूपनगर, पीपल्याहाना क्षेत्र, भंवरकुआं, जूनी इन्दौर, गोराकुंड सहित कई क्षेत्रों में कार्यों के बाद वहां ड्रेनेज चेंबर चोक होने की शिकायतें लगातार बन रही हैं। लोगों का कहना है कि वहां बड़ी लाइनों के ड्रेनेज कनेक्शन छोटी लाइनों में जोड़ दिए गए। पानी का फ्लो और लाइन की गड़बड़ी के कारण बारिश के दौरान चेंबर चोक हो रहे हैं। कुछ जगह पिछले दिनों थोड़ी सी बारिश के दौरान चेंबर चोक होने के बाद पाइप तोडऩा पड़े थे, तब जाकर पानी की निकासी हो पाई।
धंसने लगे चेंबरों के पेवर ब्लाक
अनूप नगर के आसपास के क्षेत्रों में चेंबरों को बनाने के बाद पेवर ब्लाक लगाए गए थे। वहां के पेवर ब्लाक घंसने के साथ-साथ सडक़ के हिस्से भी धंस रहे हैं। पूर्व पार्षद दिलीप शर्मा ने भी इस मामले में निगम के अधिकारियों को शिकायत की है कि कई क्षेत्रों में बड़ी लाइनें छोटी लाइनों से जोडऩे के कारण थोड़ी सी बारिश में ड्रेनेज के चेंबर चोक हो रहे हैं और ऐसा कई स्थानों पर हो रहा है।
10 एसटीपी से साफ हो रहा है 315 एमएलडी पानी
नगर निगम अधिकारियों के मुतबिक शहर में दस स्थानों पर एसटीपी ने काम शुरू कर दिया है और हर रोज ड्रेनेज का गंदा पानी साफ करने का काम बड़े पैमाने पर चलता है। हर रोज 315 एमएलडी पानी साफ होकर विभिन्न स्थानों पर भेजा जाता है। अब आने वाले दिनों में जिन स्थानों पर ड्रेनेज चेंबर चोक होने की शिकायतें आ रही हैं, वहां निगम अपनी टीम के माध्यम से पड़ताल कराकर संबंधित ठेकेदारों से फिर कार्य दुरुस्त कराएगा।

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