img-fluid

इबोला के बढ़ते खतरे से भारत भी सतर्क, दिल्ली में होने वाला भारत-अफ्रीका सम्मेलन टला

May 22, 2026

नई दिल्ली। अफ्रीकी देशों (African countries) में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस (Ebola Virus) के खतरे को देखते हुए भारत और अफ्रीकी संघ ने नई दिल्ली में प्रस्तावित भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है। यह सम्मेलन 28 से 31 मई के बीच आयोजित होना था। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि नई तारीखों का फैसला दोनों पक्षों के आपसी परामर्श के बाद किया जाएगा।

हालांकि सरकार की ओर से सम्मेलन टालने का कोई औपचारिक कारण नहीं बताया गया, लेकिन माना जा रहा है कि अफ्रीकी देशों, खासकर कांगो में तेजी से फैल रहे इबोला संक्रमण को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।


  • कांगो में तेजी से फैल रहा संक्रमण

    पूर्वी कांगो में इबोला संक्रमण लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। राहत एजेंसियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने चेतावनी दी है कि हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अतिरिक्त मेडिकल सहायता, दवाओं और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती बढ़ाने की मांग की है।

    स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, जिन इलाकों में संक्रमण फैला है वहां पहले से ही हिंसा, विस्थापन और मानवीय संकट जैसी समस्याएं मौजूद हैं। सशस्त्र समूहों की गतिविधियों के कारण राहत कार्यों में भी दिक्कत आ रही है।

    अलीमा नामक सहायता संगठन के बुनिया क्षेत्र समन्वयक हामा अमाडो ने कहा कि स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है और संक्रमण लगातार नए इलाकों में फैल रहा है। उन्होंने कहा कि अभी यह दावा नहीं किया जा सकता कि हालात नियंत्रण में हैं।

    टीका और दवा नहीं होने से बढ़ी चिंता

    स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार, इस बार फैला इबोला वायरस बुंडीबुग्यो स्ट्रेन का है, जिसके लिए फिलहाल कोई प्रभावी टीका या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है। यही वजह है कि संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

    रिपोर्टों के अनुसार अब तक करीब 139 से 148 लोगों की मौत की आशंका जताई गई है, जबकि लगभग 600 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं।

    अस्पताल में आगजनी से बढ़ी मुश्किलें

    इबोला प्रभावित रवाम्पारा क्षेत्र में हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि स्थानीय लोगों ने एक अस्पताल में आग लगा दी। बताया गया कि शवों के अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच विवाद हुआ था।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं, लेकिन कई बार ये स्थानीय परंपराओं और धार्मिक रीति-रिवाजों से टकरा जाते हैं। इससे लोगों में डर और नाराजगी बढ़ रही है।

    WHO ने घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इबोला के बढ़ते मामलों को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। भारत समेत कई देशों ने अफ्रीका से आने वाले यात्रियों की निगरानी बढ़ा दी है और स्वास्थ्य एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

    Share:

  • पेट्रोल-दूध के बाद अब दवाओं पर महंगाई का खतरा, 384 जीवनरक्षक दवाएं हो सकती हैं महंगी

    Fri May 22 , 2026
    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष का असर अब भारत (India) के दवा बाजार (Pharmaceutical Market) पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। केंद्र सरकार (Central government) 384 आवश्यक और जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों में एक बार की ‘आपातकालीन बढ़ोतरी’ पर विचार कर रही है। यह बढ़ोतरी अस्थायी हो […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved