
वॉशिंगटन. अमेरिका (US) और ईरान (Iran) के बीच एक बड़े समझौते को लेकर परदे के पीछे बातचीत चल रही है। ईरान की इस्ना (ISNA) समाचार एजेंसी ने बताया कि दोनों देश एक-दूसरे को संदेश और लिखित प्रस्ताव भेज रहे हैं। वहीं, अल जजीरा (Al Jazeera) की एक रिपोर्ट में ईरानी अधिकारी के हवाले से कहा गया कि दोनों पक्ष समझौते के बहुत करीब हैं। हालांकि, अल जजीरा ने कहा कि यह तय करना अभी भी जल्दबाजी होगी कि अंतिम समझौते हो गया है या नहीं।
मोहसिन नकवी पहुंचे ईरान
इस बीच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि, मोहसिन नकवी ईरान के दौरे पर हैं। वे वहां होर्मुज जलडमरूमध्य के हालात पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि अभी यह पक्का नहीं है कि अंतिम समझौता कब तक होगा। यह बातचीत एक ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका के हथियारों के भंडार में कमी आई है।
रिपोर्ट में दावा
द वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस्रायल की रक्षा करते हुए अमेरिका ने अपनी मिसाइल रोकने वाली प्रणालियों का बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया है। अमेरिका ने इस्रायल को बचाने के लिए 200 से ज्यादा ‘थाड’ (THAAD) इंटरसेप्टर दागे। इसके अलावा, समुद्र में तैनात जहाजों से 100 से ज्यादा ‘स्टैंडर्ड मिसाइल-3’ और ‘6’ भी छोड़ी गईं। इससे पेंटागन के पास मौजूद कुल स्टॉक का लगभग आधा हिस्सा खत्म हो गया है।
हैरानी की बात यह है कि इस्रायल ने खुद अपने बचाव में अमेरिका से कम मिसाइलें दागीं। इस्रायल ने केवल 100 ‘एरो’ और करीब 90 ‘डेविड्स स्लिंग’ इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया। अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हथियारों की इस कमी से दुनिया की सुरक्षा को लेकर अमेरिका की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं।
ट्रंप का रुख
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ईरान को संवर्धित यूरेनियम रखने की इजाजत नहीं मिलेगी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस यूरेनियम को अपने कब्जे में लेकर नष्ट कर देगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के साथ चल रहा विवाद बहुत जल्द खत्म हो जाएगा। ट्रंप के अनुसार, इस विवाद के खत्म होते ही पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी नीचे आ जाएंगी।
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