
इंदौर। दिनोदिन बढ़ते तापमान (Temperature) के चलते प्रचंड गर्मी (Scorching heat) के मौसम (mausam) में प्यास और पानी (Water) की कमी बंदर (Monkeys) सहित अन्य वन्यजीवों पर आफत बनकर टूट रही है। वन विभाग के अनुसार पानी की तलाश में बंदर जंगलों से गांव-शहर की बस्तियों तक जा पहुंचे हैं। पानी नहीं मिलने पर पेड़ की शाखाओं से प्यास के चलते चक्कर खाकर गिर रहे हैं।
कल शाम को वन विभाग ने अरबिंदो अस्पताल के पीछे पालिया गांव वालों की सूचना पर मौके पर पेड़ से नीचे गिरकर घायल हुए एक बंदर का रेस्क्यू कर कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय, मतलब चिडिय़ाघर पहुंचाया। वन विभाग की रेस्क्यू टीम में शामिल तोताराम चौहान, अमन मालवीय और अमित तोमर ने 3 बंदरों के रेस्क्यू के बारे में बताया कि इसके पहले वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने देपालपुर के पास 2 बंदरों का भी रेस्क्यू किया, मगर इनमें से एक बंदर की पेड़ के ऊपर से नीचे गिरने के कारण मौके पर ही मौत हो गई थी, मगर दूसरे बंदर का चिडिय़ाघर में इलाज कराया गया। कुल 3 में से 2 बंदर स्वस्थ हैं।
फॉरेस्ट रेंजर संगीता ठाकुर ने बताया कि गर्मी के चलते पानी की तलाश में बंदर ही नहीं नीलगाय सहित अन्य वन्यजीव भी जंगल छोडक़र इधर-उधर भटकते फिर रहे हैं। पिछले दिनों में रेस्क्यू टीम द्वारा देपालपुर और बेटमा के पास 2 नीलगाय का भी रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा चुका है। पिछले दिनों शिप्रा टोल नाके के पास बरलई-धरमपुरी रोड पर हिरण का रेस्क्यू किया गया। इसका मुख्य कारण बढ़ती गर्मी और पानी की तलाश है।
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