
इंदौर, प्रदीप मिश्रा। प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के विद्युत कनेक्शन काटने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विद्युत कम्पनी को कई महीनों से लगातार पत्र लिखता आ रहा है, मगर विद्युत कम्पनी अपने आर्थिक नफा-नुकसान के गणित के हिसाब के चलते विद्युत कनेक्शन काटने को तैयार ही नहीं है। इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इंदौर ने 13 अप्रैल काटने के लिए विद्युत कम्पनी को पत्र लिखा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि अब अगर इस बार भी कनेक्शन काटने की कार्रवाई नहीं की तो हम इनके खिलाफ कोर्ट में अपील करेंगे। इस मामले में अग्निबाण ने विद्युत कम्पनी के अधीक्षण यंत्री से बात की तो उन्होंने प्रदूषण के दावों को गलत बताते हुए कनेक्शन काटने के आंकड़े बता दिए।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास मिट्टी, पानी, हवा को प्रदूषित करने या जहरीला बनाने वाले उद्योगों को सिर्फ नोटिस देने या उनके खिलाफ कोर्ट में जाने के अलावा कोई अधिकार ही नहीं है। प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के विद्युत कनेक्शन कटवाने के लिए विद्युत कम्पनी पर निर्भर रहना पड़ता है। इसी के चलते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने विद्युत कनेक्शन काटने के लिए 25 से भी ज्यादा डिफाल्टर उद्योगों की सूची विद्युत कम्पनी को दी। इस सूची में कई उद्योग तो ऐसे हैं, जिनका कनेक्शन काटने के लिए बोर्ड ने 4 साल पहले गुहार लगाई थी, मगर उनके कनेक्शन 13 अप्रैल तक भी नहीं काटे गए।
इनके कनेक्शन काटने की सिफारिश
प्रदूषण बोर्ड ने सुचित्रा इंडस्ट्रीज सांवेर रोड, उषा आर्गनिक्स अवंतिका नगर, सचिन गुप्ता इंडस्ट्रीज सुगंधा नगर, अनमोल इलेक्ट्रो इंजीनियरिंग अवंतिका नगर, रॉयल डाई पॉलिस अवंतिका नगर, कैंडिल केमिकल्स सांवेर रोड इंडस्ट्रियल एरिया के स्टील, महावीर इलेक्ट्रोड, पाश्र्वनाथ इंटरप्राइजेज, एआर वायल कम्पनी शक्ति इंडस्ट्रीज, आर इंडस्ट्रीज के विद्युत कनेक्शन काटने के लिए साल 2024 से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विद्युत कम्पनी को पत्र लिखते आ रहा है। इनके अलावा गंगलश्री फूड पता राऊ इंडस्ट्रियल एरिया के विद्युत कनेक्शन काटने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 22 अप्रैल 2022 को विद्युत कम्पनी को पत्र लिखा था, जबकि मित्तल एजेंसी 12- 13 टिगरिया बादशाह सेक्टर- ए, सांवेर रोड इंडस्ट्रिल एरिया, इसका कनेक्शन काटने के लिए 27 अगस्त 2024 को विद्युत कम्पनी को पत्र लिखा था।
बोर्ड बोला- इस अधिनियम के अंतर्गत कम्पनी कार्रवाई करना जरूरी
इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि विद्युत कम्पनी आर्थिक फायदे के लिए कानूनन कार्रवाई करने से इनकार नहीं कर सकती। जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1974 की धारा 33क और वायु प्रदूषण निवारण और नियंत्रण अधिनियम 1981 की धारा 31क के अंतर्गत विद्युत कम्पनी को प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों अथवा संस्थानों के विद्युत कनेक्शन काटना अनिवार्य है।
विद्युत कंपनी की सफाई, 107 कनेक्शन काटने के लिए कहा 34 काटे, 17 सुधरे, 3 पर कार्रवाई
बोर्ड के आरोपों को विद्युत कम्पनी के अधीक्षण यंत्री डीके घाटे ने गलत बताते हुए अग्निबाण को बताया कि बोर्ड उन्हें कनेक्शन काटने की जो भी सूची देता है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। प्रदूषण बोर्ड ने उन्हें 107 नोटिस दिए। झोन से तामील होने के बाद कम्पनी ने 34 कनेक्शन काटे। इस दौरान 17 उद्योगों का जिन नियम का पालन नहीं करने के चलते कनेक्शन कटना था, वह उसका अनुपालन कर चुके थे, वहीं 3 उद्योगों के कनेक्शन स्थायी रूप से काटे जा चुके हैं। इसके अलावा समयसीमा के अंदर 21 कनेक्शन और ग्रामीण इलाके में लगे 9 उद्योगों के कनेक्शन काटे जा चुके हैं।
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