इंदौर न्यूज़ (Indore News)

इंदौर हाईकोर्ट की भी 8 मंजिला नई भव्य इमारत बनेगी

  • -बिना घोषणा इंदौर सहित तीन शहरों की हाईकोर्ट की बिल्डिंगों का जबलपुर में ही ताबड़तोड़ भूमिपूजन कर डाला

इंदौर, कमलेश्वर सिंह सिसौदिया। इंदौर सहित मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर एवं ग्वालियर खंडपीठ में तीन नई भव्य इमारतों की मंजूरी हो गई है। इसके लिए बिना कोई घोषणा किए जबलपुर में एक साथ तीन नई इमारतों का पिछले रविवार को ताबड़तोड़ भूमिपूजन भी कर दिया गया। इन तीनों इमारत पर तकरीबन 1200 करोड़ रुपए लागत का प्रावधान किया गया है। एक से डेढ़ महीने में इसकी टेंडर प्रक्रिया होगी। इंदौर की नई इमारत तीन साल में तैयार किए जाने का लक्ष्य है।

इंदौर में रीगल तिराहे के आगे यशवंत निवास रोड शुरू होने पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट खंडपीठ इंदौर की भव्य इमारत आज भी आलीशान नजर आती है। दशकों पुरानी इस इमारत के सामने जहां गार्डन निर्मित है, वहां 70,000 स्क्वेयर फीट जगह पर आठ मंजिला हाईकोर्ट का नया भवन बनने जा रहा है। बीते रविवार को इसके लिए जबलपुर में भूमिपूजन भी किया कर दिया गया। इंदौर में बन रही भव्य इमारत पर तकरीबन 300 करोड़ रुपए लागत का प्रावधान रखा गया है। साथ ही ग्वालियर में हाईकोर्ट भवन और जबलपुर में न्यायिक प्रशासनिक अकादमी की भव्य इमारत के लिए भी भूमिपूजन एक साथ किया गया।


ऐसा स्वरूप रहेगा नई इमारत का
हाईकोर्ट की नई इमारत का लेआउट इस तरह है।
बेसमेंट 2 – पार्किंग 250 फोर व्हीलर और 100 टू व्हीलर।
बेसमेंट 1- जजेस पार्किंग 35 कार, 180 कार पब्लिक पार्किंग, स्टाफ पार्किंग ,100 टू व्हीलर।
ग्राउंड फ्लोर – हॉल, रिकार्ड रूम, प्रेजेंटेशन एरिया, ई-सेवा केंद्र, पोस्ट ऑफिस, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, बैक ऑफिस, आईटी सेक्शन, बैंक, कैंटीन, टॉयलेट।
फर्स्ट फ्लोर- 150 सरकारी वकीलों का बैठक हॉल, लोक अदालत एवं अन्य बैठकों के लिए हॉल, बार एसोसिएशन एवं महिला वकीलों के लिए अलग-अलग हॉल, कैश सेक्शन-स्ट्रांग रूम, अटेंडेंस सेक्शन, ऑफिस इंचार्ज हॉल, आपदा प्रबंधन ऑफिस, केंद्र, राज्य संबंधित एवं अन्य अधिकारियों के 10 अलग-अलग चैंबर, टॉयलेट।
सेकंड फ्लोर- कोर्ट ऑफिस, अकाउंट सेक्शन, लाइब्रेरी, ऑर्बिट्रेशन सेंटर, पीडब्ल्यूडी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए दो हॉल, ऑफिस इंचार्ज हॉल, विधिक सहायता के लिए हॉल, मेडिटेशन सेंटर, स्टोर स्टेशनरी सेंटर।
थर्ड, फोर्थ और फिफ्थ फ्लोर- कोर्ट रूम, चैंबर, पीए और पीएस कक्ष आदि।
सिक्स्थ फ्लोर- जजेस लाउंज एवं चैंबर, पीए और पीएस रूम, कोर्ट रूम आदि।
सेवंथ फ्लोर- माननीय सीजे चैंबर मीटिंग रूम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल, रजिस्ट्रार चैंबर, कोर्ट रूम चैंबर एवं स्टाफ रूम आदि।

जिला कोर्ट की भी बन रही है नई इमारत…
पीपल्याहाना तालाब के समीप स्कीम नंबर 140 में जिला कोर्ट की बिल्डिंग निर्माणाधीन है। शुरुआती विरोध के बाद कोरोना काल के चलते बिल्डिंग का काम समयसीमा में पूरा नहीं हो पाया था। नई एजेंसी ने निर्माण तो शुरू कर दिया है, लेकिन इतने बड़े प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना आसान नहीं है। निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग लोक निर्माण विभाग की पीआईयू विंग के अधिकारियो ंका कहना रहे है कि कार्य लगातार जारी है और इसे जल्द पूरा करवाया जाएगा, वहीं पुरानी एजेंसी न्यायालय पहुंच गई है।

समय से पहले जागृति
हालांकि अभी वर्तमान हाईकोर्ट में पर्याप्त स्थान है। वकीलों से लेकर मुवक्किलों तक को कोई दिक्कत नहीं आती है। वर्तमान में जितने जज हैं उनके हिसाब से यह स्थान पर्याप्त कहा जा सकता है। हाईकोर्ट परिसर में ही स्थित एक परिसर में वकीलों के चैंबर भी हैं। वर्तमान में मौजूदा जजों की संख्या के अनुसार यह स्थान पर्याप्त हो सकता है, लेकिन भविष्य में बढ़ते प्रकरणों के चलते जजों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। ऐसे में नई इमारत की आवश्यकता महसूस हो उसके पहले ही जागृति दिखाते हुए नई इमारत का प्रावधान किया गया और इसे मात्र तीन साल में पूरा किए जाने का संकल्प है। हाईकोर्ट की नई इमारत बनने के बाद कोर्ट रूम की संख्या बढ़ेगी। नए जजों को बैठने और काम करने के लिए बेहतर माहौल मिलेगा। इससे पुराने पेंडिंग प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी और आमजन को न्याय मिलने की धीमी प्रक्रिया में रफ्तार आएगी।

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