
कार्ड दिखाकर सिलेंडर मांग रहे लोग, एजेंसियों को 10 प्रतिशत देने के निर्देश
इंदौर। शहर (Indore) में शादी का सीजन (Wedding Season) शुरू होते ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों (Commercial LPG cylinders) की मांग बढ़ी हुई है। अक्षय तृतीया (akshay trteeya) के बाद लगातार शुभ मुहूर्त होने से होटल, गार्डन, केटरर्स, हलवाई और आयोजन स्थलों पर गैस की खपत कई गुना बढ़ गई है। हालत यह है कि मांग के मुकाबले आपूर्ति आधी भी नहीं पहुंच पा रही, जिससे लोगों को सिलेंडरों के लिए एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शहर में प्रतिदिन कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता करीब 800 से 900 सिलेंडर ही है, जबकि मौजूदा शादी सीजन में खपत इससे लगभग तीन गुना तक पहुंच गई है। ऐसे में कई आयोजकों को जरूरत के मुताबिक सिलेंडर नहीं मिल पा रहे।
भोपाल, लखनऊ, कानपुर, उत्तरप्रदेश से आ रही खबरों को पढक़र शादी-विवाह के कार्ड लेकर आयोजक गैस की टंकियों के लिए खाद्य विभाग पहुंच रहे हैं, लेकिन इंदौर में एजेंसियों को ही व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार 100 से अधिक कार्ड और आवेदन विभाग में पहुंचे हैं, जिनकी यथाशक्ति मदद करने के निर्देश एजेंसी को ही दिए गए हैं। स्थिति को देखते हुए खाद्य विभाग ने गैस एजेंसियों और सेल्स अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि जिन कमर्शियल उपभोक्ताओं जैसे होटल, गार्डन, केटरर्स और अन्य व्यावसायिक कनेक्शनधारियों की नियमित खपत है, उन्हें पिछले तीन माह की औसत खपत के आधार पर कम से कम 10 प्रतिशत सिलेंडर प्राथमिकता से उपलब्ध कराए जाएं, ताकि शादी समारोह प्रभावित न हों।
शादी के कार्ड से नहीं मिलेंगे सिलेंडर
विभागीय अधिकारियों ने साफ किया है कि अब शादी के कार्ड लेकर आने वालों को सीधे खाद्य विभाग भेजने के बजाय एजेंसियां अपने स्तर पर उपलब्ध स्टॉक से प्राथमिकता अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराएं। अधिकारियों का कहना है कि कार्ड देखकर विभाग से अलग से आवंटन नहीं किया जा रहा, एजेंसियों को ही व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर की कई गैस एजेंसियों पर इन दिनों सुबह से ही भीड़ देखी जा रही है। लोग शादी के कार्ड दिखाकर अतिरिक्त सिलेंडर मांग रहे हैं। कई स्थानों पर आयोजकों और एजेंसी संचालकों के बीच बहस की स्थिति भी बन रही है।
वर-वधू पक्ष की ही होगी जिम्मेदारी
कनाडिय़ा क्षेत्र के पोरवाल परिवार ने बताया कि 25 अप्रैल को उनके यहां शादी है और रसोई व्यवस्था के लिए 10 से अधिक सिलेंडरों की जरूरत है, लेकिन अब तक केवल 5 सिलेंडर ही मिल पाए हैं। परिवार का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं हुई तो उन्हें मजबूरी में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है। बंगाली चौराहा क्षेत्र के निवासी जैन परिवार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि केटरिंग, हलवाइयों ने भी साफ कर दिया है कि गैस सिलेंडर की जिम्मेदारी अब वर-वधू पक्ष को खुद उठानी होगी। ऐसे में शादी आयोजकों की चिंता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में 25 और 26 अप्रैल को बड़े मुहूर्त हैं, जिससे मांग और बढऩे की संभावना है। प्रशासन के लिए आपूर्ति सुचारु रखना चुनौती बना हुआ है, वरना शादी सीजन में गैस संकट गहरा सकता है।
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