
सम्पत्ति का मौके पर सर्वे… संबंधित पक्षों को नोटिस दिया जाएगा…
इंदौर। इंदौर नगर निगम (Municipal Corporation) में संपत्तियों (property) का नामांतरण (mutation) करने के लिए चल रही व्यवस्था में बड़े परिवर्तन किए गए हैं। नए परिवर्तन के अनुसार अब संपत्ति का मौके पर सर्वे भी किया जाएगा और सभी संबंधित पक्षों के नाम पर नोटिस भी जारी किए जाएंगे। नामांतरण के लिए रजिस्ट्री की प्रमाणित प्रति को भी अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था से फर्जी व कूटरचित दस्तावेजों से नामांतरण पर रोक लगेगी, वहीं नकली काम करने वाले सीधे-सीधे आपराधिक धाराओं में फंस सकते हैं। संपत्ति खरीदने पर जहां खरीदार और बेचवाल का आधार कार्ड आवेदन साथ अनिवार्य किया गया है, वहीं रजिस्ट्री की सर्टिफाइड कॉपी, जाहिर सूचना आदि को अनिवार्य किया गया है। नामांतरण के लिए आवेदन केवल दावेदार या उसके द्वारा नियुक्त किया गया वकील ही वकालतनामा देकर करवा सकेंगे।
इस नई व्यवस्था में वारिस नाते होने वाले नामांतरण में भी यही प्रक्रिया रहेगी। सभी दावेदार के शपथपत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र ओरिजनल, जाहिर सूचना की व्यवस्था को लागू किया गया है। अब बिल कलेक्टर के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि किसी भी नामांतरण के आवेदन में उसके द्वारा मौके पर जाकर जांच की जाएगी। इसके साथ ही नामांतरण से संबंधित सभी पक्षों के नाम पर नगर निगम द्वारा नोटिस भी जारी किया जाएगा। नामांतरण की जानकारी जाहिर सूचना के रूप में पहले भी प्रकाशित होती रही है। उस व्यवस्था को निरंतर रखा गया है।
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