
- शहर में पहली बार मकान के साथ ही किराए की योजना
- मकान तोडक़र निगम करेगा एग्रीमेंट, 3 साल बाद देंगे पक्का बना हुआ फ्लैट
इंदौर। नगर निगम (Municipal council) द्वारा चंदन नगर (Chandan Nagar) के 550 परिवारों को 3 साल (3 years) का किराया (rent) देने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। इन परिवारों के साथ नगर निगम एग्रीमेंट करेगा और उन्हें 3 साल बाद पक्का बना हुआ फ्लैट दिया जाएगा।
नगर निगम द्वारा मास्टर प्लान में धार रोड से एरोड्रम रोड को जोडऩे वाली सडक़ का प्रावधान करवा लिया गया है। यह सडक़ चंदन नगर से गुजरना है। इसके लिए निगम की ओर से पूरे सडक़ मार्ग का सर्वेक्षण कर लिया गया है। इस सर्वेक्षण के माध्यम से स्पष्ट हो गया है कि इस मार्ग पर कितने निर्माण तोडऩा पड़ेंगे। निगम की ओर से सेंट्रल लाइन डालकर मकानों में तोडफ़ोड़ के लिए निशान भी लगा दिए गए हैं। इस क्षेत्र में जिन लोगों के मकान सडक़ चौड़ी करने के कारण पूरी तरह से टूट जाएंगे, उनका व्यवस्थापन करते हुए फ्लैट दिया जाना है।
निगम के अधिकारियों ने बताया कि नियम के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित किया गया फ्लैट ही इन लोगों को आवंटित किया जाना है। चंदन नगर में 300 से ज्यादा मकान ऐसे हैं, जो पूरी तरह से तोडऩा पड़ेंगे। इन मकानों में 550 परिवार रहते हैं, जिन्हें फ्लैट का आवंटन करना आवश्यक है। नगर निगम द्वारा इन नागरिकों को राऊ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रधानमंत्री आवास योजना के ताप्ती परिसर में फ्लैट देने की पहल की गई थी। क्षेत्र के विधायक मधु वर्मा द्वारा इस पर आपत्ति लिए जाने के कारण इन लोगों को वहां पर फ्लैट नहीं दिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त नगर निगम के पास ऐसा कोई स्थान नहीं है, जहां इतनी बड़ी संख्या में इन लोगों को फ्लैट उपलब्ध करा दिए जाएं। ऐसी स्थिति में अब इंदौर नगर निगम द्वारा नया प्रस्ताव बनाकर तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव के अनुसार जिन लोगों के मकान पूरे टूट रहे हैं उनके साथ नगर निगम द्वारा एग्रीमेंट कर वचन दिया जाएगा कि 3 साल में उन्हें फ्लैट बनाकर दे दिए जाएंगे। जब तक उन्हें फ्लैट बनाकर नहीं दिए जाते, तब तक उनके निवास के लिए नगर निगम द्वारा किराया दिया जाएगा। संबंधित लोगों से कहा जाएगा कि वह इस मकान को छोडक़र किसी अन्य मकान में किराए से रहने के लिए चले जाएं। ऐसे में उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं आए, इसलिए उन्हें किराया देने की पहल की गई है।
पहली बार होगा ऐसा
यह पहला मौका होगा, जब नगर निगम द्वारा सडक़ चौड़ी करने के लिए तोडफ़ोड़ करने से पहले प्रभावित होने वाले लोगों को किराया चुकाने की वचनबद्धता दी जाएगी। अभी यह गणना नहीं हो सकी है कि इतनी बड़ी संख्या में परिवारों को निगम द्वारा किराए के रूप में कितनी राशि दी जाएगी। इस बारे में निगम के अधिकारियों का कहना है कि अभी प्राथमिक तौर पर प्रस्ताव बनाकर तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव पर जब सहमति हो जाएगी तो फिर देखा जाएगा कि हर परिवार को प्रतिमाह का कितना किराया देना आवश्यक है। इसके साथ ही नगर निगम द्वारा इन लोगों के लिए उनके क्षेत्र के आसपास के क्षेत्र में ही इमारत बनाकर वहां फ्लैट तैयार करने का काम भी किया जाएगा।