
नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress President Mallikarjun Khadge) ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा (Intention of Central Government) संविधान के ढांचे को बदलने की थी (Was to change the structure of Constitution) ।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया से बातचीत में कहा, “कांग्रेस पार्टी हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रही है। हमने 2023 में महिला आरक्षण बिल को समर्थन देते हुए उसे पारित भी करवाया था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण की आड़ में एक और संशोधन पेश किया, जिसमें उन्होंने परिसीमन का प्रावधान जोड़ दिया। इस तरह केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयक को एक साथ मिला दिया। परिसीमन से जुड़ा विधेयक लाकर केंद्र सरकार सत्ता हासिल करना चाहती है।”
खड़गे ने आगे कहा, “सरकार से हमारा कहना था कि अगर महिला आरक्षण देना ही है तो 543 लोकसभा सांसदों के दायरे में ही कर दीजिए। फिर जनगणना और परिसीमन होने के बाद सरकार इसे अगले चुनाव में बढ़ा दे, लेकिन वे ऐसा नहीं करना चाहते। दरअसल, केंद्र सरकार की मंशा संविधान के ढांचे को बदल कर कार्यकारी शक्ति अपने हाथ में लेने की है।”
इसके पहले खड़गे ने कहा था, “पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह ने देश की आधी आबादी को ढाल बनाकर परिसीमन करने की कोशिश की और इस देश के लोकतंत्र, संविधान और संघवाद को चोट पहुंचाने का कुत्सित प्रयास किया। उनकी ये चालबाज़ी एकजुट विपक्ष ने भांप ली और संविधान संशोधन बिल गिर गया। हम सभी विपक्षी दलों के नेताओं का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
खड़गे ने कहा भाजपा नेता अपनी राजनीति को चमकाने के लिए भारत के लोकतंत्र को तबाह करने चले थे; उनकी ये साज़िश अब औंधे मुंह गिर गई है। हम केंद्र सरकार से फिर एक बार मांग करते हैं कि 2023 में पारित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के अनुसार महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण 2029 के चुनावों से ही दिया जाए। कांग्रेस पार्टी सितंबर 2023 से इसकी मांग कर रही है। यह ‘नारी शक्ति’ के प्रति प्रधानमंत्री जी की प्रतिबद्धता की असली परीक्षा होगी।”
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