
रांची. झारखंड (Jharkhand) में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रमुख छात्र संगठन JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच (Reforms Forum) ने शनिवार को राज्य सरकार पर राजनीतिक चाल चलने का आरोप लगाया। संगठन का कहना है कि सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों से एक और दौर की बातचीत का एलान कर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की है।
रिफॉर्म्स मंच का आरोप है कि शुक्रवार देर रात सरकार के साथ हुई बैठक में उन्होंने अपनी सभी मांगें विस्तार से रख दी थीं। इसके बावजूद सरकार ने शनिवार को कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से जुड़े छात्र संगठनों को बातचीत के लिए बुलाया, जबकि इन संगठनों की आंदोलन में कोई भूमिका नहीं रही है।
रिफॉर्म्स मंच के नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि यह सरकार की राजनीतिक चाल है। वह छात्रों के बीच विभाजन पैदा करना और लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है। लेकिन सरकार को समझना चाहिए कि सभी छात्र एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के इस रवैये से छात्र बेहद आहत और नाराज हैं। पासवान ने चेतावनी दी कि यदि रविवार तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो राज्यभर से 50 हजार से अधिक छात्र रांची पहुंचेंगे और 10 अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि मंच के सदस्य राहुल क्रांति, जो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे, उनकी हालत गंभीर होने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा तीन अन्य छात्र भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। पासवान ने कहा कि यदि इन छात्रों के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
सरकार की ओर से मंत्रियों दीपिका पांडेय सिंह, सुदिव्य कुमार, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव की समिति ने शुक्रवार रात से विभिन्न छात्र संगठनों के साथ पांच दौर की वार्ता की। हालांकि बातचीत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका और प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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