
रायसेन जिला मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत मऊ पथरई और ग्राम पंचायत सूंड सालेरा के ग्रामीणों ने बदहाल सड़क की समस्या को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लगभग 2500 से अधिक मतदाताओं ने एकजुट होकर कल होने वाले जिला पंचायत वार्ड नंबर 3 के उपचुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि- “जब तक रोड नहीं, तब तक वोट नहीं।”
ग्रामीणों के अनुसार, यह मुख्य सड़क जिला मुख्यालय को लगभग 60 गांवों से जोड़ती है। लंबे समय से देखरेख न होने के कारण पूरी सड़क पूरी तरह से उखड़ी और बदहाल पड़ी है। ग्रामीणों का दावा है कि साल 2023 में इस सड़क का निर्माण कार्य स्वीकृत भी हो चुका था, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज तक काम शुरू नहीं हो सका।
सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण कई सालों से संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे इस संबंध में तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर, मुख्यमंत्री और यहां तक कि देश के प्रधानमंत्री तक को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज करा चुके हैं। इसके बावजूद हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।
पूर्व सरपंच झलकन बैरागी ने बताया कि इस खस्ताहाल सड़क के कारण अब तक हादसों में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। वहीं गांव की बुजुर्ग महिलाओं का कहना है कि सड़क पर गहरे गड्ढों के कारण आए दिन बुजुर्ग गिरकर चोटिल हो जाते हैं और बच्चों का स्कूल जाना भी दूभर हो गया है।
ग्रामीण खलीलुल्लाह ने बताया कि शासन-प्रशासन की उपेक्षा से तंग आकर ही हम सभी ने इस बार जिला पंचायत उपचुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। अब देखना यह होगा कि इस सामूहिक बहिष्कार के बाद जिला प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर क्या रुख अपनाता है।
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