
नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने मंगलवार को राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और उत्तर प्रदेश में भाजपा की ओर से आठ प्रत्याशी मैदान में उतर सकते हैं। यदि समाजवादी पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारती है तो भाजपा की ओर से नौवां प्रत्याशी भी मैदान में आएगा। लखनऊ (Lucknow) में दिए अपने बयान में केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party), बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) और कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों तथा चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़ें या अलग-अलग, भाजपा वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा की तैयारी पूरी है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश में भाजपा के आठ प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। अगर समाजवादी पार्टी तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारती है तो भाजपा भी नौवां प्रत्याशी उतार सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों को लेकर कहा कि उन्हें इसमें राजनीतिक सुविधा के अनुसार दृष्टिकोण बदलने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। मौर्य ने कहा कि जब इन दलों को चुनाव में सफलता मिलती है तो वही चुनाव व्यवस्था सही दिखाई देती है, लेकिन जब भाजपा या एनडीए को जीत मिलती है तो वही व्यवस्था उन्हें खराब लगने लगती है। उन्होंने चुनाव परिणामों को अपनी सुविधा के अनुसार परिभाषित करने को उचित नहीं बताया।
अपने तर्क के समर्थन में केशव प्रसाद मौर्य ने वर्ष 2004 और 2009 में कांग्रेस के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने और वर्ष 2012 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के विधानसभा चुनाव जीतने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसके बाद वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में, जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, भाजपा गठबंधन ने उत्तर प्रदेश की 80 में से 73 लोकसभा सीटें जीती थीं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन को 325 सीटें मिली थीं, जबकि समाजवादी पार्टी 47 सीटों पर सिमट गई थी। मौर्य ने इसी क्रम में कहा कि चुनाव परिणामों को अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग तरीके से परिभाषित करना उचित नहीं है।
विपक्षी दलों की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ये दल चुनाव परिणामों की व्याख्या अपनी सुविधा के अनुसार करते हैं। उन्होंने इसके लिए “मीठा-मीठा गप-गप और तीखा-तीखा थू-थू” वाली बात कही। अपने वैचारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वे “राम, कृष्ण, विश्वनाथ तीनों देव हमारे साथ” के नारे के साथ आंदोलन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मंदिर बन चुका है, जबकि भगवान श्रीकृष्ण और भगवान विश्वनाथ से जुड़े विषय अभी शेष हैं।
तेलंगाना के संदर्भ में भी केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस नेताओं के बयानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से भारतीय जनता पार्टी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। मौर्य के अनुसार भाजपा का संगठन देशभर में विस्तार और जनसेवा के संकल्प के साथ काम कर रहा है। राज्यसभा चुनाव को लेकर उनके बयान में सपा के संभावित तीसरे उम्मीदवार के जवाब में भाजपा के नौवें प्रत्याशी को मैदान में उतारने की बात प्रमुख रही। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति, चुनाव प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की तैयारी पर अपना रुख स्पष्ट किया।
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