
उज्जैन। बारिश के बाद सब्जियों की आवक बढऩे से चिमनगंज मंडी में कई हरी सब्जियों के थोक भाव में गिरावट आई है। बम्पर आवक के चलते लौकी, बैंगन, कद्दू और टमाटर जैसी सब्जियां निचले भाव पर बिक रही हैं। इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए, लेकिन मंडी से खेरची बाजार तक पहुंचते-पहुंचते इनके दाम में अंतर दिखाई दे रहा है।
मंडी में फिलहाल लौकी 2 से 3, बैंगन 4 से 6, कद्दू 3 से 8 और आलू करीब 20-35 रुपए किलो थोक में बिक रहा है। हरी मिर्च 8 से 15, टमाटर 10 से 15, धनिया 8 से 10 और भिंडी 8 से 12 रुपए किलो के आसपास है। गिल्की, तुरई, मैथी और सुरजनाफली के भाव 25 से 40 रुपए किलो के बीच हैं।
कम भाव चिंता का कारण
आवक बढऩे से जहां उपभोक्ताओं के लिए सब्जियों के सस्ते होने की संभावना बनी है, वहीं किसानों के लिए कम थोक भाव चिंता का विषय है। कई उत्पादों के भाव उनकी अपेक्षित लागत के अनुरूप नहीं मिल पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उत्पादन, मजदूरी और परिवहन की लागत निकालने के बाद ही उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए।
उपभोक्ताओं के लिए राहत
मंडी में कम भाव का असर यदि खेरची बाजार तक पहुंचता है तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को सब्जियां अपेक्षाकृत सस्ती मिलती रहेगी । ग्राहक अलग-अलग दुकानों और ठेलों पर भाव की तुलना करें और संभव हो तो मंडी के आसपास के बाजारों में उपलब्ध कीमतों की जानकारी लेकर खरीदारी करें।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved