
- उज्जैन जिले में 2100 से अधिक है आंगनवाडिय़ां-जन विश्वास अभियान की लंबित शिकायतें तीन दिन में निपटाने के आदेश
उज्जैन। जिले की 2100 से अधिक आंगनबाडिय़ों में मिलने वाले टेक होम राशन (टीएचआर) की व्यवस्था अब बदलने जा रही है। राज्य शासन के निर्देश पर अब यह जिम्मेदारी स्थानीय स्व-सहायता समूहों को सौंपी जाएगी, जो पहले से गर्म और ताजा पोषण आहार उपलब्ध करा रहे हैं।
नई व्यवस्था को समय पर लागू करने और पोषण आहार की नियमित आपूर्ति करने के लिए रविवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश कुमार त्रिपाठी ने सभी परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की नई व्यवस्था का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर के माध्यम से लाभार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार रेडी-टू-ईट पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए और तय एसओपी का पूरी तरह पालन हो। बैठक में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विभाग की हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों का संतोषजनक निराकरण किया जाए, सभी लाभार्थी योजनाओं की पेंडेंसी खत्म की जाए तथा जनसुनवाई और अन्य माध्यमों से मिलने वाली शिकायतों का अधिकतम तीन दिन में समाधान किया जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के अनुसार उज्जैन जिले में 14 बाल विकास परियोजनाओं के तहत 2127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन केंद्रों की निगरानी 72 पर्यवेक्षक करते हैं। विभाग लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए पिछले एक वर्ष से प्रदेश के टॉप-10 ‘एÓ ग्रेड जिलों में अपनी जगह बनाए हुए है। कार्यशाला में सहायक संचालक रीना शर्मा, परियोजना अधिकारी मनोज कुमार जाट, प्रियंका जायसवाल, अर्चना दलाल, प्रीति कटारा, ज्योत्सना दीक्षित, सांख्यिकी अन्वेषक सुमित सोनी सहित जिले के सभी सेक्टर पर्यवेक्षक मौजूद रहे।