
लखनऊ । कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत (Congress leader Surendra Rajput) ने कहा कि भगवान राम के नाम पर किए गए पाप का खुलासा स्वयं रामजी ने करा दिया (Lord Ram himself has exposed the sin committed in His Name) ।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले, एसआईटी जांच सहित कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी है। सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि सत्ताधारी दल के ऊपर भगवान के मंदिर में महापाप का आरोप लगा है। ऐसे में जांच सुप्रीम कोर्ट के जज के निगरानी में होना चाहिए, नहीं तो 8 लोगों को फंसाकर बड़े-बड़े मगरमच्छों को बचाने की कोशिश की जा रही है। एसआईटी की जांच पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि मूल रूप से एसआईटी की ओर से लीपापोती की जा रही है। बड़े-बड़े महापापियों को बचाने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। जब तक इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नहीं होती, दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हो पाएगा।
भगवान राम के नाम पर जो पाप किया गया है, उसका खुलासा रामजी ने करा दिया है। राम के नाम पर इन्होंने कोठारी बंधुओं को मरवाया। राम के नाम पर मंदिर में चरणबद्ध तरीके से लूट की गई। सुरेंद्र राजपूत ने आगे कहा कि आंदोलन के वक्त निर्मोही अखाड़े की ओर से 1500 करोड़ रुपए की लूट का आरोप लगाया गया था। राम के नाम पर वोट लूटा गया और सत्ता में आए। अब चढ़ावे में महापाप का खुलासा हुआ है तो इनको न तो दान मिलेगा और न तो वोट मिलेगा।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि अगर धीरेंद्र शास्त्री भगवान को मानते हैं और प्रभु हनुमान जी से बात करने की उनके पास वास्तव में शक्ति है तो उन्होंने पर्ची खोलने में डर किस बात का है। उनको भी पता है कि जब तक भगवान चाहेंगे तब तक उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता और जब भगवान नहीं चाहेंगे तो कोई बचा नहीं सकता। ऐसे में धीरेंद्र शास्त्री को निडर होकर नाम का खुलासा करना चाहिए। सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा छोटे चोर हैं, बड़े चोर नहीं हैं। पैसा इससे भी कहीं आगे गया है। गोविंद गिरी कोषाध्यक्ष हैं। कोषाध्यक्ष से न तो कोई पूछताछ हो रही है और न तो जांच की जा रही है, जबकि कोष से चोरी होने में सबसे पहले जिम्मेवार कोषाध्यक्ष हैं। इससे स्पष्ट हो रहा है कि एसआईटी की टीम लीपापोती करने में लगी हुई है।
मदरसों की जांच को लेकर उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, मदरसों को लेकर लगातार राजनीति कर रही है। अगर कहीं किसी गड़बड़ी की जांच करनी है तो निष्पक्षभाव से करनी चाहिए। केवल मदरसों की जांच क्यों करनी, शिशु मंदिर के खातों की जांच की जानी चाहिए। क्रिश्चियन मिशिनरी स्कूलों की भी जांच करनी चाहिए और संघ के स्कूल की भी जांच की जानी चाहिए। सबकी जांच करनी चाहिए और जहां भी कहीं अनियमितता मिले कठोरता से कार्रवाई होनी चाहिए।
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