
हफ्तेभर में मिलेगी रिपोर्ट, घायलों का नि:शुल्क उपचार, कलेक्टर सहित सभी अधिकारी जुटे
इंदौर। देवास (Dewas) के टोंककलां (Tonk Kalan) में कल पटाखा फैक्ट्री (Firecracker Factory) में जो विस्फोट हुआ, जिसमें 5 मजदूरों की मौत और दो दर्जन से अधिक घायल हुए हैं, इनमें से कई घायलों का इंदौर के एमवाय, चोइथराम में इलाज भी चल रहा है। कल देर रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इंदौर आए और उपचाररत भर्ती घायलों को देखने पहुंचे, वहीं मुख्यमंत्री के निर्देश पर उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह को इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच (Magisterial Inquiry) का जिम्मा सौंपा है।
मजिस्ट्रियल जांच के लिए अपर कलेक्टर उज्जैन अतेन्द्र सिंह गुर्जर, संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अधिकारी इंदौर नमिता तिवारी को नियुक्त किया है। नियुक्त अधिकारी अग्नि दुर्घटना एवं विस्फोट के संभावित कारण, विस्फोटक नियम के विभिन्न प्रावधान के पालन कि स्थिति, नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 के प्रावधान के पालन की स्थिति, घटनास्थल व जिले में अन्य जारी अनुज्ञप्तियों की स्थिति, दुर्घटनास्थल पर जारी किए गए अनुज्ञप्तियों की वस्तुस्थिति एक सप्ताह में संपूर्ण जांच कर तथ्यात्मक प्रतिवेदन संभाग आयुक्त को प्रस्तुत करेंगे, वहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अन्य कार्यक्रम निरस्त कर नई दिल्ली से इंदौर पहुंचकर अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती घायलों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम एयरपोर्ट से चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचकर देवास के हादसे के कारण घायल हुए नागरिकों से मुलाकात की और उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश दिए।
पटाखा फैक्ट्री में 14 हजार के वेतन का झांसा देकर बिहार से बुलाए गए थे मजदूर
टोंककला इलाके की जिस पटाखा फैक्ट्री में धमाके से मजदूरों की मौत हुई और कई झुलस गए, उस फैक्ट्री में काम करने के लिए बिहार से मजदूर 14 हजार रुपए के वेतन पर बुलाए गए थे। हादसे में जीवित बचे बिहार के मजदूर नवीन कुमार ने बताया, मजदूरों को 14 हजार रुपए महीने की तनख्वाह पर यह कहकर लाया गया था कि उन्हें केवल धूल से जुड़ा काम करना होगा, लेकिन उन्हें बारूद के साथ 25&25 के छोटे कमरे में झोंक दिया गया। नवीन ने धुएं और मलबे के बीच से अपने भाई निरंजन को जलते हुए बाहर निकाला। उसने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं था।
भीषण गर्मी बनी धमाके की वजह?
मजदूरों का आरोप है कि भीषण गर्मी के बावजूद बारूद वाले कमरे में पानी का छिडक़ाव नहीं किया गया। गौरतलब है कि देवास समेत पश्चिमी मध्यप्रदेश इस समय हीट जोन में है। केंद्रीय संगठन और फोरेंसिक टीमें अब इस बात की तकनीकी जांच कर रही है कि क्या अत्यधिक तापमान के कारण बारूद में स्वत: विस्फोट हुआ।
बारूद माफिया को संरक्षण का आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटनास्थल का दौरा कर सरकार पर बारूद माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कृषि गोदामों में अवैध रूप से पटाखे जमा थे और कलेक्टर को निलंबित करने की मांग की।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved