भोपाल न्यूज़ (Bhopal News)

40 हजार से अधिक को मिलेगा रोजगार

  • 9 जिलों में आएंगे इंडस्ट्रियल क्लस्टर, मुख्यमंत्री करेंगे एक साथ भूमिपूजन

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 29 सितम्बर को एक साथ एक दर्जन से अधिक औद्योगिक क्लस्टरों का भूमिपूजन करेंगे, जिसमें भोपाल सहित 9 जिलों में आने वाले औद्योगिक क्लस्टर व क्षेत्र शामिल रहेंगे, जिसमें 4800 करोड़ रुपए तक के निवेश का दावा किया गया है और 40 हजार से अधिक को रोजगार भी मिलेगा। चार जिलों के तीन इंडस्ट्रीयल क्लस्टर के साथ दो इन्क्यूबेशन सेंटर और एक स्टार्टअप का भी लोकार्पण होगा। मुख्य आयोजन सिहोर जिले के बुधनी में होगा और प्रदेशभर के युवा और औद्योगिक निवेशक तथा विकासकर्ता ऑनलाइन जुड़ेंगे।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने ओवरऐज हो चुके युवाओं को राहत प्रदान करते हुए जहां सरकारी नौकरी में आयुसीमा में छूट दी है, वहीं सीधे रोजगार के द्वार भी खोले जा रहे हैं। इसके लिए नए औद्योगिक क्लस्टर तैयार किए गए हैं। इसके तहत उद्यगपतियों के लिए भी लालकालीन बिछाया गया है। प्रयास यही है कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश आए और युवाओं को रोजगार मिले। कोरोनाकाल के समय दो साल तक न तो कोई नियुक्ति हुई और न ही नौकरी के लिए आवेदन मंगाए गए। नतीजतन सरकारी नौकरी के इंतजार में सैकड़ों युवा ओवरऐज हो गए। ऐसे में सरकार ने तीन साल की छूट प्रदान की। उधर, सरकार ने विभिन्न विभागों के रिक्त पदों की जानकारी मंगा ली है। इसी के तहत रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी।



उद्यमियों, निवेशकों से वर्चुअल संवाद भी करेंगे सीएम
सीएम 29 सितंबर को 4828 करोड़ के निवेश वाली 22 औद्योगिक संरचनाओं का भूमिपूजन, लोकार्पण करेंगे। इन संस्थाओं में 42 हजार युवाओं को सीधे रोजगार मिलेगा। आयोजन बुदनी में होगा। राज्य स्तरीय रोजगार दिवस कार्यक्रम भी होगा। सीएम नौ जिलों के 13 औद्योगिक क्लस्टर और 2 औद्योगिक क्षेत्रों का भूमिपूजन करेंगे। यह आयोजन ऑनलाइन किया जाएगा और उद्यमियों, निवेशकों और विकासकर्ताओं से वर्चुअल संवाद भी करेंगे। एमएसएमई विभाग के सचिव पी. नरहरि के मुताबिक इंदौर सहित 9 जिलों में ये औद्योगिक क्लस्टर तैयार किए जा रहे हैं, जिसमें नीमच, भोपाल, बुरहानपुर सहित अन्य जिले शामिल हैं।

आएगी रोजगार की बहार
आगामी दिनों में प्रदेश में रोजगार की भरमार होने वाली है। विभिन्न विभागों में तीन लाख से ज्यादा पद खाली हैं। एक लाख से ज्यादा पद तों स्टेट कैडर के हैं। स्कूल शिक्षा में सबसे ज्यादा 45 हजार पद खाली हैं। स्वास्थ्य विभाग में इनकी संख्या 14 हजार से ज्यादा है। वहीं कोरोनकाल में लोगों को रोजगार देने और स्वरोजगार से जोडऩे के सरकार ने प्रयास किए। कोरोना काल में तीन हजार एमएसएमई की इंडस्ट्री शुरू हुई। इनसे साढ़े पांच लाख लोगों को रोजगार देने का दावा गया। कॉलेज में अध्ययनरत काद्यर्थ मिलने के साथ ही नौकरी मिल जाए, इसके लिए सरकार नया प्रयोग करने जा रही है। विद्यार्थियों को कॅरियर मार्गदर्शन के लिए विषय विशेषज्ञों एवं प्रोफेशनल कॅरियर काउंसलर की मदद ली जाएगी। स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना की ओर से सभी शासकीय एवं अनुदान प्राप्त कॉलेजों को काउंसलर्स का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं। योजना के निदेशक डॉ. उमेश कुमार सिंह ने बताया कि काउंसलर विद्यार्थियों की कॅरियर से संबंधित प्रत्येक समस्या का समाधान करने का प्रयास करेंगे। इन विशेषज्ञों की मदद से विद्यार्थी अपने कॅरियर की दशा एवं दिशा निर्धारित करने में सक्षम होंगे।

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