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मप्रः मांग के अनुसार बिजली की पर्याप्त उपलब्धता : सीएम शिवराज

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा में कहा- प्रदेश में बिजली कम होने की कोई समस्या नहीं

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि प्रदेश में मांग के अनुसार बिजली की पर्याप्त उपलब्धता (Adequate availability of electricity as per demand) है। उन्होंने कहा कि बिजली की खपत के अनुरूप ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करें। उद्योग, कृषि एवं घरेलू बिजली क्षेत्रों के लिए पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध हो।

मुख्यमंत्री चौहान शनिवार को अपने निवास पर ऊर्जा विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय दुबे, प्रबंध संचालक पावर मैनेजमेंट कम्पनी विवेक पोरवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं है। लगातार पर्याप्त बिजली व्यवस्था बनी हुई है। उन्होंने कहा कि लोगों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। प्रदेश में सोलर ऊर्जा को बढ़ाने के लगातार प्रयास चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोयले की उपलब्धता बढ़ी है। थर्मल पॉवर प्लांटों से भी उत्पादन बढ़ेगा।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के विभिन्न कोयला आधारित विद्युत संयंत्रों खंडवा, बिरसिंहपुर, सारनी, चचाई में सकल स्टॉक 3 लाख मीट्रिक टन है, जबकि दैनिक खपत कुल 60 हजार टन है। रेलवे और आरसीआर के माध्यम से मई के दूसरे सप्ताह में कोयले के 109 रैक उपलब्ध हुए हैं।

प्रदेशवासियों को न हो पेयजल की कोई समस्याः शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेशवासियों को पेयजल की कोई समस्या नहीं हो। सुधार योग्य हैण्डपम्पों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था सुचारू बनी रहे। मुख्यमंत्री चौहान शनिवार को अपने निवास पर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मलय श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु में छोटी-छोटी जल संरचनाओं के माध्यम से पानी रोकने का संकल्प लें। जल-स्त्रोतों का अधिकाधिक विकास करें। जल-संग्रहण कार्य में जनता का सहयोग लेकर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की पेयजल संबंधी शिकायतें नहीं आये। यदि कहीं से शिकायत आती है तो तत्काल उस पर कार्यवाही कर निदान किया जाए। पेयजल की समस्याओं के निराकरण में जिला कलेक्टर समन्वय करें।

प्राथमिकता से किया जाये सड़कों के संधारण का कार्य : सीएम शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में सड़कों के संधारण का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। बरसात में सड़कें दुरूस्त रहें। जहाँ मरम्मत की आवश्यकता हो, वहाँ तत्काल मरम्मत कराई जाए। मुख्यमंत्री चौहान शनिवार को अपने निवास पर सड़क संधारण कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास निकुंज श्रीवास्तव एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों को ठीक रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सड़कों के पेचवर्क में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि पेच मरम्मत के बाद सड़क जल्दी न उखड़े। सड़कों को सुचारू रूप से संधारित किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें दुरूस्त रहें। सड़कों के लोकार्पण, भूमि-पूजन कार्यक्रम किये जाये।

अमृत-2 के आगाज के लिए 17 मई को पूरे प्रदेश में नगरोदय कार्यक्रम करने के निर्देश दिये गये। भोपाल में नगरोदय के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चौहान शामिल होकर अन्य नगरीय क्षेत्रों के कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों के अधिकाधिक संख्या में लोगों को शामिल कर शहरों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने अमृत-2 के व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये। (एजेंसी, हि.स.)

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