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MP कैबिनेट बैठक में 2300 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी, स्कूटी योजना 2031 तक जारी

July 08, 2026

भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर से वर्चुअली जुड़े। बैठक में विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, आईटी, पर्यावरण और सिंचाई से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने प्रदेश में अधोसंरचना और पुनर्वास कार्यों के लिए 2300 करोड़ रुपये मंजूर किए। साथ ही मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक बढ़ाने, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी भर्ती, राज्य डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण और नई हरित नगर योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को भी स्वीकृति दी गई।

स्कूटी योजना पांच साल और चलेगी
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 495 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस योजना का लाभ सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों में पहली बार परीक्षा देकर कम से कम 70 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले प्रथम स्थान के छात्र-छात्राओं को मिलेगा।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की हर माह होगी सीधी भर्ती
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए अब विभागीय स्तर पर सीधी भर्ती की जाएगी। हर महीने की 1 तारीख को स्वास्थ्य विभाग एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर खाली पदों की सूची जारी करेगा। इच्छुक उम्मीदवार 15 तारीख तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद विभागीय समिति हर महीने दूसरे बुधवार को बैठक करेगी और सभी आवेदकों का साक्षात्कार लेगी। साक्षात्कार के आधार पर योग्य उम्मीदवारों का चयन कर उनकी सूची राज्य सरकार को भेजी जाएगी। राज्य सरकार चयनित डॉक्टरों को सीधे नियुक्ति आदेश जारी करेगी और उन्हें उन्हीं अस्पतालों या स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थ किया जाएगा, जहां रिक्तियां निकाली गई थीं। नियुक्ति के बाद पहले तीन साल तक उनका तबादला नहीं होगा, ताकि संबंधित अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं लगातार मिलती रहें।


  • आईटी और डिजिटल सेवाओं पर 800 करोड़ खर्च
    मध्य प्रदेश कैबिनेट ने भोपाल स्थित स्टेट डाटा सेंटर के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 800 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस राशि से डाटा सेंटर की आईटी क्षमता बढ़ाई जाएगी, डिजास्टर रिकवरी सिस्टम मजबूत होगा और नई तकनीकों के अनुरूप जरूरी अधोसंरचना विकसित की जाएगी।सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश में ऑनलाइन सरकारी सेवाएं और अधिक सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद होंगी। परियोजना को तीन चरणों में लागू किया जाएगा। इसमें कंप्यूटर नेटवर्क, डेटा स्टोरेज, बैकअप सिस्टम और भविष्य की तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को ध्यान में रखकर सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    123 करोड़ से विज्ञान, डिजिटल सेवाओं और बायोटेक को बढ़ावा
    कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए 123 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसमें विज्ञान पार्क के लिए 39.39 करोड़, एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना के लिए 75 करोड़ और बायोटेक्नोलॉजी पार्क के लिए 8.59 करोड़ रुपये शामिल हैं। उज्जैन में आधुनिक विज्ञान पार्क, तारामंडल और खगोलीय वेधशाला विकसित की जाएगी, जहां छात्र और शोधकर्ता आधुनिक टेलीस्कोप की मदद से अध्ययन और अनुसंधान कर सकेंगे। वहीं, एकल नागरिक डाटाबेस के जरिए प्रदेश के नागरिकों का एकीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ तेजी, पारदर्शिता और आसान तरीके से मिल सकेगा। आधार आधारित ई-केवाईसी और डीबीटी व्यवस्था भी मजबूत होगी। इसके अलावा बायोटेक्नोलॉजी पार्क के माध्यम से स्टार्टअप, नवाचार और बायोटेक उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। उद्यमियों और शोधकर्ताओं को इन्क्यूबेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे प्रदेश में नवाचार और निवेश को नई गति मिलेगी।

    65 शहरों में बनेंगे नगर वन
    कैबिनेट ने ‘नमो हरित नगर योजना’ को मंजूरी देते हुए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। अगले पांच वर्षों में प्रदेश के 65 नगरीय निकायों में नगर वन विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य शहरों में हरियाली बढ़ाना, स्वच्छ हवा उपलब्ध कराना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्र में नगरवासियों को स्वस्थ्य जीवन जीने के लिए वातावरण प्रदाय करना, पर्यावरण सौंदर्यीकरण करना, स्वच्छ वायु प्रदाय करना, जैव विविधता सृजित करना एवं अनुकूल जलवायु बनाना आदि है। योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक निकाय में कम से कम एक नगर वन न्यूनतम आधा एकड़ क्षेत्रफल में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए निकायों को राशि 3 किश्तों में दी जाएगी।


  • डूब प्रभावित परिवारों को अतिरिक्त राहत
    पन्ना जिले की केन-बेतवा लिंक, रूंज और मझगांव सिंचाई परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए सरकार ने 202.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की है। इससे प्रभावित परिवारों को बेहतर पुनर्वास पैकेज मिलेगा।

    आईटी निवेश नीति और स्वामित्व योजना में बदलाव
    कैबिनेट ने आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद निर्माण) निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 में बदलाव को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य राज्य में आईटी, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में अधिक निवेश आकर्षित करना और निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देना है। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई आईटी कंपनी या डेटा सेंटर अपना कारोबार बढ़ाना चाहता है, तो उसे अपने मौजूदा निवेश में कम से कम 30 प्रतिशत अतिरिक्त निवेश करना होगा या अपने परिसर का क्षेत्रफल 30 प्रतिशत बढ़ाना होगा।

    वहीं, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली कंपनियों (ईएसडीएम) को अपनी मशीनों और उपकरणों में कम से कम 30 प्रतिशत (न्यूनतम 15 करोड़ रुपये) या 50 करोड़ रुपये (जो भी कम हो) का नया निवेश करना होगा। साथ ही उन्हें अपनी उत्पादन क्षमता भी 20 प्रतिशत बढ़ानी होगी। ऐसा करने पर इन कंपनियों को नई इकाइयों की तरह सरकारी प्रोत्साहन और सुविधाएं मिलेंगी। सरकार ने जमीन आवंटन की प्रक्रिया भी पूरी तरह ऑनलाइन कर दी है। कंपनियां ऑनलाइन आवेदन करेंगी। यदि एक ही जमीन के लिए एक से अधिक आवेदन आते हैं तो ई-बिडिंग (ऑनलाइन बोली) के जरिए जमीन आवंटित की जाएगी। हालांकि, बड़े (मेगा) निवेश प्रोजेक्ट इस ई-बिडिंग प्रक्रिया से बाहर रहेंगे। उन्हें ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर सीधे जमीन आवंटित की जाएगी। नई नीति के तहत कंपनियां एमपीआईडीसी या अन्य सरकारी विभागों की जमीन भी ले सकेंगी। जमीन का किराया और अन्य शर्तें संबंधित विभाग के नियमों के अनुसार तय होंगी।

    खाद्यान्न निस्तारण की नई नीति
    सरकार ने गेहूं, चना, ज्वार और बाजरा के भंडारण और बिक्री को व्यवस्थित करने के लिए नई निस्तारण नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति गठित होगी। समिति द्वारा उपज के मात्रा निर्धारण के बाद प्रस्तावित उक्त मात्रा विक्रय करने के पूर्व रिजर्व प्राईज अपसेट मूल्य तय करना एवं ई-निविदा/ई-ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से दरें आमंत्रित करना, प्राप्त दरों का परीक्षण के बाद अनुमोदन तथा निस्तारण की कार्यवाही का अनुमोदन किया जाएगा।

    विधिक सहायता और अन्य फैसले
    कैबिनेट ने कमजोर वर्गों को मुफ्त और प्रभावी कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए लीगल एड डिफेंस काउंसिल योजना को जारी रखने हेतु 42 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक-2026 को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने राजस्व विभाग की स्वामित्व योजना अंतर्गत अभिलेखों के पंजीयन पर देय उपकर और अतिरिक्त स्टॉम्प ड्यूटी से छूट प्रदान किए जाने का निर्णय लिया है।

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