
आगर मालवा। आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर (Maa Baglamukhi Temple) के ठीक सामने 19 सितंबर को हुए दर्दनाक हादसे में 8 श्रद्धालुओं की मौत के बाद अब नलखेड़ा नगर में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। हादसे के 9 दिन बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए नगरवासी पिछले पांच दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। आज नलखेड़ा नगर पूरी तरह बंद है। हालात ये हैं कि मां बगलामुखी मंदिर में होने वाले हवन, यज्ञ और अनुष्ठान भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी दर्दनाक घटना के बावजूद प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिसके चलते लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। मामले को लेकर कलेक्टर और एसपी भी माँ बगलामुखी मंदिर पहुंचे और आंदोलन कर रहे लोगों से बातचीत की, लेकिन बातचीत के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन किसी विवाद या उपद्रव के लिए नहीं, बल्कि हादसे के बाद जवाबदेही और ठोस कार्रवाई की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। लोगों ने स्पष्ट किया है कि नगर बंद और मंदिर में हवन-यज्ञ बंद करने का निर्णय अनिश्चितकालीन है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है, ओड़िशा के 8 श्रद्धालुओं की मौत के बाद प्रशासन की जवाबदेही तय कब होगी? हादसे के बाद ऐसी कौन सी ठोस कार्रवाई हुई, जिसका इंतजार नगरवासी कर रहे हैं और क्या प्रशासन प्रदर्शनकारियों की मांगों पर कोई स्पष्ट निर्णय लेगा? फिलहाल नलखेड़ा में शांतिपूर्ण माहौल के बीच आंदोलन जारी है और नगर की जनता की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
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