
कटनी। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कटनी नगर निगम से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए नगर निगम में पदस्थ उच्च श्रेणी लिपिक (UDC) आलोक गर्ग को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबू द्वारा ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक प्लॉट पर बैंक से लोन लेने के लिए जरूरी एनओसी (NOC) जारी करने के एवज में यह रिश्वत मांगी गई थी।
यह है पूरा मामला
दरअसल यह मामला ट्रांसपोर्ट नगर के 2000 वर्ग फीट के एक प्लॉट से जुड़ा है। लोन के लिए एनओसी की जरूरत: शिकायतकर्ता अशोक कनकने का ट्रांसपोर्ट नगर में प्लॉट नंबर 137 है। इस प्लॉट पर निर्माण कार्य कराने के लिए उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा में लोन के लिए आवेदन किया था, जिसके बाद बैंक ने लोन प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम से एनओसी लाने को कहा। जब अशोक कनकने ने नगर निगम में एनओसी के लिए आवेदन किया, तो वहाँ पदस्थ UDC आलोक गर्ग ने एनओसी जारी करने के बदले 25 हजार रुपये की मांग की। बाद में यह सौदा 20 हजार रुपये में तय हुआ।
लोकायुक्त में शिकायत और ट्रैप कार्रवाई
रिश्वत की मांग से परेशान होकर पीड़ित अशोक कनकने ने इसकी शिकायत गत 21 अक्टूबर को जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज कराई थी। शिकायत का सत्यापन होने के बाद लोकायुक्त ने योजना बनाई। तय योजना के तहत जबलपुर लोकायुक्त की DSP रेखा प्रजापति के नेतृत्व में 8 सदस्यीय दल ने कटनी नगर निगम कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई की और आरोपी UDC आलोक गर्ग को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
कार्रवाई के बाद लोकायुक्त डीएसपी रेखा प्रजापति ने बताया कि अशोक कनकने की शिकायत पर आज लोकायुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। आरोपी बाबू आलोक गर्ग को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद से नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया है।
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