
प्राधिकरण ने रोबोट के साथ रेडिसन चौराहा के लिए भी शुरू की तैयारी, एक लेन के बचे हुए काम रात के बाद सुबह भी करवाए, दूसरी लेन भी दो माह में हो जाएगी तैयार
इंदौर। प्राधिकरण (IDA) द्वारा एमआर-10 (MR-10) पर 20 साल पहले बनवाए गए फोरलेन (Four-lane) के ब्रिज के बगल में दूसरा नया फ्लायओवर (Flyover) निर्मित करवाया जा रहा है। उसका मौके पर काम भी शुरू हो गया है। इसी फ्लायओवर के पास एक छोटा पुराना ब्रिज भी बना है, उसे भी चौड़ा करवाया जा रहा है। इन दोनों कार्यों पर 65 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी। दूसरी तरफ लवकुश चौराहा पर डबल डेकर ब्रिज की एक लेन से आज दोपहर बाद ट्रायल बतौर यातायात शुरू किया जा रहा है। बचे हुए काम रात के बाद आज सुबह भी पूरे करवाए गए, क्योंकि यातायात शुरू होने के बाद फिर ये काम नहीं हो पाएंगे। वहीं दूसरी लेन को भी दो महीने में यातायात के लिए तैयार कर दिया जाएगा। अभी उज्जैन की ओर से आने वाले वाहन बाणगंगा की तरफ एक लेन से जा सकेंगे।
शहर विकास के लिए प्राधिकरण ही बेहतर तरीके से काम कर सकता है, क्योंकि उसके पास फंड की कोई समस्या नहीं है। नगर निगम तो कंगाली की स्थिति में रहता है और कई बार टेंडर जारी करने के बाद ठेकेदार काम के लिए तैयार नहीं होते। यही कारण है कि एमआर, मास्टर प्लान से लेकर अधिकतर फ्लायओवरों की जिम्मेदारी प्राधिकरण पर ही है। अभी रोबोट चौराहा पर भी खजराना की तरह फ्लायओवर निर्मित किया जाएगा। पिछले दिनों इंदौर आए मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा भी कर दी, जिसके चलते प्राधिकरण ने ट्रैफिक सर्वे सहित अन्य जानकारी एकत्रित कर अब टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आगामी बोर्ड बैठक में इसकी प्रशासनिक स्वीकृति ले ली जाएगी। अभी रिंग रोड पर पीपल्याहाना, बंगाली और खजराना फ्लायओवर के कारण इस हिस्से में तो यातायात सुगम हो गया, लेकिन पूरा दबाव रोबोट और रेडिसन चौराहा पर बढ़ रहा है। दिनभर जाम की स्थिति रहती है। इसके चलते अब रोबोट के बाद रेडिसन चौराहा के यातायात को सुगम करने की भी पहल प्राधिकरण ने शुरू की है। यहां पर अंडरपास से लेकर अन्य वैकल्पिक उपाय ढूंढे जा रहे हैं। वहीं एमआर-10 पर यातायात का सर्वाधिक दबाव है और सिंहस्थ में भी सबसे अधिक वाहनों का आवागमन यहीं से होगा, जिसके चलते सालों पहले प्राधिकरण ने बीओटी पर फोरलेन बनवाया था और 17 साल तक टोल टैक्स की वसूली भी होती रही। कुछ दिनों पूर्व यह टोल नाका समाप्त हुआ और अब इसी फोरलेन के बगल में दूसरा नया ब्रिज प्राधिकरण बनवा रहा है, जिसके चलते आठ लेन में यातायात का आवागमन सिंहस्थ से पहले शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही नदी पर बने छोटे ब्रिज को भी चौड़ा किया जा रहा है। इन दोनों कामों पर कुल 65 करोड़ रुपए की राशि प्राधिकरण खर्च कर रहा है। सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े के मुताबिक डबल डेकर ब्रिज की एक लेन से आज दोपहर बाद यातायात शुरू कर दिया जाएगा। छोटे-मोटे काम बचे हैं, जिन्हें रात के बाद आज सुबह पूरा करवाया जा रहा है। उज्जैन की ओर से आने वाला यातायात एक लेन के जरिए बाणगंगा की तरफ जाएगा, जिससे चौराहे पर लगने वाले जाम से भी बड़ी राहत मिलेगी। वहीं सीईओ के मुताबिक इसी डबल डेकर की दूसरी लेन का काम भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है और अगले दो महीने में इसे भी यातायात के लिए खोल दिया जाएगा, जिसके चलते पौने 200 करोड़ का यह अनूठा ब्रिज पूरी तरह से चालू हो जाएगा।
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