img-fluid

न जलाया, न दफनाया; बहन की हड्डियों को घर में टांगकर बनाया विंड चाइम

April 24, 2026

डेनवर: आजकल मौत के बाद अंतिम विदाई के पारंपरिक तरीके बदल रहे हैं. दरअसल, अमेरिका के डेनवर की 43 वर्षीय एरिन मेरेली (Erin Merelli) ने अपनी बहन को विदा करने का ऐसा रास्ता चुना, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है. उन्होंने बहन की हड्डियों से एक खूबसूरत ‘विंड चाइम’ बनवाई और उसे अपने घर की बालकनी में सजा दिया. जाहिर है, आपके मन में भी सवाल उठ रहे होंगे कि एक महिला ने अपनी बहन के साथ ऐसा क्यों किया? आइए जानते हैं पूरा मामला.

‘नीड टू नो’ यूके की रिपोर्ट के अनुसार, एरिन की बहन काफी कलात्मक स्वभाव की थीं. मरने से पहले उन्होंने एरिन से अपनी आखिरी इच्छा (Sisters Final Wish) जताई थी. उन्होंने कहा था, मेरी मौत के बाद मेरी हड्डियों को एक नीली ‘विंड चाइम’ में बदल देना. एरिन ने अपनी बहन की इसी अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए यह अजीबकदम उठाया.


  • एरिन ने इस अनोखी प्रक्रिया के लिए Alkaline Hydrolysis यानी ‘जल दाह संस्कार’ का सहारा लिया. इसमें बॉडी को पानी और केमिकल्स के जरिए धीरे-धीरे गलाया जाता है, जो एक पोषक तत्व वाले तरल में बदल जाते हैं, जिसे पौधो में डाला जा सकता है. वहीं, जो हड्डियां बच जाती हैं, उन्हें पीसकर पाउडर बना लिया जाता है. एरिन ने आर्टिस्ट केली गिलरन की मदद से पाउडर को सांचे में ढालकर विंड चाइम तैयार करवाया, और उस पर हल्का नीला पेंट करवाया.

    एरिन खुद के एक डेथ एजुकेटर हैं. उनका कहना है कि अपनों को खोने के बाद उन्हें दफनाना या जलाना ही काफी नहीं है. उनके अनुसार, हमें परंपराओं से हटकर सोचने की जरूरत है. उन्होंने कहा, यह विंड चाइम मुझे हमेशा मेरी बहन को किसी न किसी रूप में करीब होने का अहसास कराती है. हवा चलने पर जब भी यह बजती है, तो उसकी यादें ताजा हो जाती हैं. एरिन को उम्मीद है कि उनकी यह कहानी उन लोगों को प्रेरित करेगी जो अपने प्रियजनों को एक व्यक्तिगत और यादगार विदाई देना चाहते हैं.

    Share:

  • आस्था और बलिदान की अनोखी कहानी, किन्नरों के आराध्य अरावन से जुड़ा मंदिर और उसकी रहस्यमयी परंपरा

    Fri Apr 24 , 2026
    नई दिल्ली। तमिलनाडु (Tamil Nadu) के कूवगम (Koovagam) क्षेत्र में स्थित Koothandavar Temple (Koothandavar Temple), जिसे कूथंडावर मंदिर भी कहा जाता है, भारत के सबसे अनोखे और रहस्यमयी धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। यह मंदिर विशेष रूप से Kinnar Community (Kinnar Community) के लिए गहरी आस्था का केंद्र है, जहां एक ऐसी […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved