
नई दिल्ली। अंतरिक्ष (space) के सबसे रहस्यमय पिंडों में से एक Cygnus X-1 एक बार फिर वैज्ञानिकों (Scientists) के लिए चर्चा का केंद्र बन गया है। करीब 62 साल पहले खोजा गया यह ब्लैक होल (Black Hole) अब नई स्टडी में बेहद शक्तिशाली ऊर्जा उत्सर्जन के कारण सुर्खियों में है। नई रिसर्च में सामने आया है कि Cygnus X-1 से निकलने वाले जेट्स इतनी ऊर्जा पैदा कर रहे हैं, जो लगभग 10,000 सूर्यों के बराबर मानी जा रही है।
अंतरिक्ष में घूमते ऊर्जा के तेज जेट्स
वैज्ञानिकों के अनुसार इस ब्लैक होल से निकलने वाले जेट्स अंतरिक्ष में लाखों प्रकाश वर्ष तक फैल सकते हैं और इनकी गति प्रकाश की लगभग आधी, यानी करीब 1,50,000 किलोमीटर प्रति सेकंड तक पहुंच जाती है। यह अध्ययन कर्टिन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किया गया और इसे प्रतिष्ठित जर्नल Nature Astronomy में प्रकाशित किया गया है।
ब्लैक होल कैसे करता है काम?
जब कोई पदार्थ ब्लैक होल के बेहद करीब पहुंचता है, तो वह उसकी अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण शक्ति में फंस जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है, जो जेट्स के रूप में बाहर आती है। यह सिद्धांत प्रसिद्ध वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की भविष्यवाणियों से भी मेल खाता है, जिसे अब वास्तविक अवलोकनों से पुष्टि मिली है।
नई स्टडी में क्या हुआ खुलासा?
रिसर्च के मुख्य लेखक डॉ. स्टीव प्रभु के अनुसार, ब्लैक होल में गिरने वाले पदार्थ की कुल ऊर्जा का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा इन जेट्स के माध्यम से अंतरिक्ष में निकल जाता है। यह बात पहले केवल सैद्धांतिक रूप से मानी जाती थी, लेकिन अब पहली बार इसे प्रत्यक्ष रूप से देखा और प्रमाणित किया गया है।
ब्लैक होल की खास बातें
Cygnus X-1 पृथ्वी से लगभग 7,000 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है
इसका द्रव्यमान सूरज से करीब 21 गुना ज्यादा है
यह एक तारे HDE 226868 के साथ बाइनरी सिस्टम में मौजूद है
दोनों पिंड हर 5.6 दिन में एक-दूसरे की परिक्रमा करते हैं
क्यों है यह खोज अहम?
Cygnus X-1 को 1971 में आधिकारिक रूप से ब्लैक होल के रूप में पुष्टि मिली थी और तब से यह सबसे ज्यादा अध्ययन किए गए अंतरिक्षीय पिंडों में से एक है। नई खोज से वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि ब्रह्मांड में ऊर्जा कैसे संचालित होती है और ब्लैक होल्स का प्रभाव कितना विशाल हो सकता है।
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