नई दिल्ली। नेपाल (Nepal) जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए अब पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य कर दिया गया है। नेपाल प्रशासन ने सीमा (Nepal Border) पार आवाजाही को लेकर नई सख्ती लागू करते हुए साफ किया है कि बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी भारतीय नागरिक को नेपाल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसी तरह नेपाल से भारत आने वालों के लिए भी पहचान पत्र दिखाना जरूरी होगा।
नेपाल सरकार के इस फैसले के बाद शनिवार को भारत-नेपाल सीमा पर अचानक सख्ती बढ़ गई। जोगबनी बॉर्डर समेत कई सीमावर्ती इलाकों में पहचान पत्रों की जांच शुरू होने से यात्रियों और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। नेपाल पुलिस केवल उन्हीं लोगों को प्रवेश दे रही थी, जिनके पास आधार कार्ड या सरकार द्वारा जारी कोई वैध आईडी मौजूद थी। जिनके पास दस्तावेज नहीं थे, उन्हें सीमा से वापस लौटा दिया गया।
कोलकाता से जोगबनी पहुंचने वाली ट्रेनों के यात्रियों को भी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। बड़ी संख्या में नेपाल जाने पहुंचे लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा, जिससे सीमा क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
नेपाल के प्रमुख जिलाधिकारी Yuvraj Kattel ने कहा कि सीमा पार करने के लिए वैध पहचान पत्र दिखाना अब अनिवार्य होगा। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया है।
बहराइच से सटी नेपाल सीमा के आसपास रहने वाले मधेशी समुदाय में इस फैसले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। नेपाल के जमुनहा गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की आवाजाही अब मुश्किल हो गई है। नेपाली आर्म्ड पुलिस फोर्स की सख्त जांच और पूछताछ से स्थानीय लोगों में तनाव बढ़ा है।
उधर, नेपाल सीमा के जरिए चीनी नागरिकों की संदिग्ध आवाजाही के मामलों के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड में हैं। बिहार के बेतिया, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, दरभंगा और मधुबनी समेत सीमावर्ती जिलों की पुलिस और एसएसबी को होटल, लॉज और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हाल ही में अररिया जिले के जोगबनी बॉर्डर पर चीन के हुनान प्रांत के नागरिक Zhou Huan को बिना वैध दस्तावेज भारत में प्रवेश करते पकड़ा गया था। वह नेपाली नंबर की स्कूटी से सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ शुरू की।
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