बड़ी खबर

नायडू कैबिनेट में ओबीसी-आदिवासी-मुस्लिम को भी जगह, 17 नए चेहरों के सहारे ऐसे साधा गया सामाजिक समीकरण

नई दिल्ली: तेलुगू देशम पार्टी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को चौथी बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है, तो जन सेना के अध्यक्ष पवन कल्याण उपमुख्यमंत्री बने हैं. नायडू के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में 24 सदस्यों को जगह दी गई है,जिसमें टीडीपी कोटे से 20, जनसेना पार्टी से 3 और बीजेपी से एक विधायक को मंत्री बनाया गया है. इस बार राज्य कैबिनेट में 17 नए चेहरों को मौका दिया है, जबकि बाकी लोग पहले मंत्री रह चुके हैं. सीएम चंद्रबाबू नायडू ने अपने मंत्रिमंडल के जरिए सूबे के जातीय और सियासी समीकरण को साधने का पूरा दांव चला है.

आंध्र प्रदेश की सियासत उत्तर प्रदेश और बिहार की तरह ही जातियों के इर्द-गिर्द सिमटी हुई है. आंध्र प्रदेश की राजनीति में तीन जातियों का दबदबा है-कम्मा, कापू और रेड्डी. इसके अलावा ओबीसी और दलित वोटर भी अहम भूमिका रखते हैं. ऐसे में चंद्रबाबू नायडू ने सत्ता में वापसी करने के साथ और मंत्रिमंडल के गठन में सूबे के जातीय समीकरण का पूरा ख्याल रखा है. नायडू ने अपनी कैबिनेट में तीन महिलाएं मंत्री बनी हैं, तो मुस्लिम चेहरे के तौर पर एन मोहम्मद फारूक को भी जगह दी है.

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार में बने मंत्रियों के जातीय का विश्लेषण करते हैं तो कैबिनेट में सबसे ज्यादा जगह ओबीसी की दी गई है और उसके बाद कम्मा और कापू को जगह दी है. ओबीसी से आठ मंत्री बनाए गए हैं, तो कम्मा-कापू समुदाय से 4-4 मंत्री बने हैं. इसके अलावा दलित समुदाय से तीन मंत्री और एक आदिवासी समुदाय से है. प्रदेश की सबसे ज्यादा शक्तिशाली रेड्डी समुदाय से तीन मंत्री बनाए गए हैं, तो वैश्य और मुस्लिम समुदाय से एक-एक मंत्री हैं.

आंध्र प्रदेश में 35 फीसदी के करीब पिछड़े वर्ग की आबादी है, जो तमाम जातियों में बंटे हुए हैं. कापू जाति का भी एक तबका ओबीसी में आता है, जिनकी संख्या करीब 15 फीसदी है. ओबीसी वोटों की सियासत ताकत को देखते हुए चंद्रबाबू नायडू ने अपनी सरकार में 8 ओबीसी मंत्री बनाए हैं, जिसमें कोलू रविंद्र, कोंडापल्ली श्रीनिवास, के अत्चन्नायडू, अनज्ञानी सत्यप्रसाद, वासमशेट्टी सुभाष, एस सविथा, पी नारायण और सत्यकुमार यादव मंत्री बने हैं. बीजेपी कोटे से सत्यकुमार इकलौते मंत्री हैं और वो ओबीसी से आते हैं.


चंद्रबाबू नायडू कम्मा समुदाय से आते हैं. टीडीपी का यह कोर वोटबैंक माना जाता है. इसीलिए नायडू ने अपनी कैबिनेट में चार मंत्री बनाए हैं, जिसमें टीडीपी से तीन और एक जनसेना पार्टी से है. कम्मा समुदाय से नारा लोकेश, पय्यवुला केशव, गोत्तीपति रवि और नाडेंडला मनोहर मंत्री बने हैं. इसमें मनोहर जनसेना से हैं, बाकी तीन मंत्री टीडीपी से हैं. प्रदेश में सबसे बड़ी संख्या में कम्मा समुदाय के लोग हैं. तेलुगु फिल्म से राजनीति में आए एनटी रामाराव ने रेड्डी समाज के खिलाफ कम्मा को एकजुट किया और उनके अंदर सियासी भूख जगाने का काम किया. इसके बाद से कम्मा टीडीपी के साथ जुड़ा है. इसीलिए कम्मा समुदाय का नायडू ने कैबिनेट में पूरा ख्याल रखा है.

आंध्र प्रदेश में सबसे बड़ी आबादी कापू समुदाय की है, जो करीब 18 फीसदी है. जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण कापू समुदाय से आते हैं. कापू में राजनीतिक चेतना जगाने का काम पवन कल्याण ने किया है. इसीलिए नायडू कैबिनेट में कापू समुदाय से चार मंत्री बनाए गए हैं, जिसमें पवन कल्याण उपमुख्यमंत्री बने हैं और कांडला दुर्गेश, कोलुसु पार्थसारधि और निर्मला रामनायडू को कैबिनेट मंत्री बनाया है. कापू समुदाय आंध्र प्रदेश में सियासी खेल बनाने और बिगाड़ने की ताकत रखते हैं, जिसके चलते ही चार मंत्री बनाए गए हैं.

चंद्रबाबू नायडू ने दलित और आदिवासी समुदाय का भी कैबिनेट में जगह दी है. प्रदेश में अनुसूचित जाति की आबादी 17 फीसदी है, जिससे तीन कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं. दलित समुदाय से बलवीरंजनेयस्वामी और वंगलापुडी अनिता को मंत्री बनाया है. इसके अलावा छह फीसदी वाले आदिवासी समुदाय से नायडू ने मंत्रिमंडल में गुम्मदी संध्यारानी को जगह दी है और वैश्य समुदाय से टीजी भरत को मंत्री बनाया है.

जगन मोहन रेड्डी के कोर वोट बैंक रेड्डी समुदाय के वोट बैंक में सेंधमारी के लिए नायडू ने तीन मंत्री बनाए हैं. अनाम रामनारायण रेड्डी, जनार्दन रेड्डी और मंदीपल्ली राम प्रसाद रेड्डी को जगह दी है. चंद्रबाबू नायडू खुद सामाजिक और राजनीतिक रूप से शक्तिशाली कम्मा समुदाय से आते हैं, जबकि उनके डिप्टी पवन कल्याण कापू समुदाय से आते हैं. कापू और कम्मा के साथ जिस तरह ओबीसी, दलित और रेड्डी समुदाय को नायडू ने अपनी कैबिनेट में जगह दी है, उसके सियासी संकेत साफ है.

Share:

Next Post

युवराज सिंह हत्याकांड में हरदोई में बवाल, BSP नेता समेत 230 के खिलाफ केस दर्ज

Wed Jun 12 , 2024
हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई में युवराज सिंह हत्याकांड को लेकर मंगलवार को पाली इलाके में जमकर बवाल हुआ. उपद्रवियों ने हंगामा करते हुए पुलिस पर भी पथराव किया. उपद्रव के बाद पुलिस ने बीएसपी नेता समेत 30 नामजद और 200 अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. वहीं पांच लोगों को […]