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J&K के इन कर्मचारियों को NPS से OPS में जाने का मौका, 28 दिसंबर तक करना होगा आवेदन

September 30, 2026

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर (J&K) के सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था से जुड़ी अहम खबर है। केंद्र शासित प्रदेश (UT) सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के दायरे में आने वाले कुछ कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) चुनने का एकमुश्त अवसर दिया है। हालांकि, यह सुविधा सभी NPS कर्मचारियों के लिए नहीं है।

इस विकल्प का लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिनकी भर्ती से संबंधित पद या रिक्ति का विज्ञापन 24 दिसंबर 2009 से पहले जारी या अधिसूचित किया गया था, लेकिन उन्होंने सरकारी सेवा 1 जनवरी 2010 या उसके बाद ज्वाइन की। पात्र कर्मचारियों को OPS का विकल्प चुनने के लिए 28 दिसंबर 2026 तक आवेदन करना होगा।

तय समयसीमा में आवेदन नहीं करने वाले कर्मचारी NPS के तहत ही बने रहेंगे। वहीं, OPS का विकल्प चुनने के बाद कर्मचारी दोबारा NPS में वापस नहीं जा सकेंगे। ऐसे में आवेदन से पहले पात्रता और लागू नियमों को समझना जरूरी होगा।

DDO के पास जमा करना होगा आवेदन

OPS का विकल्प चुनने के इच्छुक पात्र कर्मचारियों को अपना आवेदन संबंधित DDO (Drawing and Disbursing Officer) के पास जमा करना होगा। DDO आवेदन को संबंधित HOD (Head of Department) या नियुक्ति प्राधिकारी के पास भेजेगा।

इसके बाद मामला संबंधित प्रशासनिक विभाग के पास जाएगा। विभाग कर्मचारी के सेवा रिकॉर्ड और भर्ती प्रक्रिया की जांच करेगा। इसमें यह देखा जाएगा कि संबंधित कर्मचारी निर्धारित शर्तों को पूरा करता है या नहीं। पात्र पाए जाने पर OPS में शामिल करने के लिए आवश्यक आदेश जारी किया जाएगा।

OPS चुनने पर NPS खाता होगा बंद

पुरानी पेंशन योजना में जाने वाले कर्मचारियों के मौजूदा NPS खाते को लेकर भी व्यवस्था स्पष्ट की गई है। जिस महीने कर्मचारी को OPS में शामिल करने का आदेश जारी होगा, उसके अगले महीने की पहली तारीख से संबंधित कर्मचारी का NPS खाता बंद कर दिया जाएगा।


  • इसके बाद कर्मचारी को GPF (General Provident Fund) में योगदान करना होगा। यानी OPS का विकल्प चुनने पर केवल पेंशन व्यवस्था ही नहीं बदलेगी, बल्कि कर्मचारी की सेवानिवृत्ति बचत से जुड़ी व्यवस्था में भी बदलाव होगा।

    क्यों दिया गया OPS चुनने का विकल्प?

    जम्मू-कश्मीर में NPS को 24 दिसंबर 2009 की अधिसूचना के जरिए लागू किया गया था। इसके तहत 1 जनवरी 2010 या उसके बाद सरकारी सेवा में आने वाले कर्मचारियों को NPS के दायरे में रखा गया।

    हालांकि, कुछ कर्मचारियों का तर्क था कि उनकी भर्ती प्रक्रिया NPS लागू होने से पहले ही शुरू हो गई थी। संबंधित पदों की रिक्तियों का विज्ञापन उस समय जारी हुआ था, जब पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू थी। इसी आधार पर ऐसे कर्मचारियों की ओर से OPS का लाभ देने की मांग की गई थी।

    केंद्र के 2023 के आदेश का भी दिया गया संदर्भ

    इस मामले में केंद्र सरकार के 3 मार्च 2023 के एक आदेश का भी संदर्भ सामने आया। इस आदेश के तहत समान परिस्थितियों वाले कुछ केंद्रीय कर्मचारियों को NPS से OPS में जाने का एकमुश्त विकल्प दिया गया था।

    हालांकि, यह आदेश जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों पर स्वतः लागू नहीं होता था। दिसंबर 2024 में केंद्र सरकार के संबंधित विभाग ने भी स्पष्ट किया था कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों से जुड़े सेवा मामलों में उसके निर्देश स्वतः लागू नहीं होते हैं।

    इसके बाद जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस मामले को अपने स्तर पर आगे बढ़ाया। 10 सितंबर 2026 को काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की मंजूरी के बाद अब निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए NPS से OPS में जाने का विकल्प जारी किया गया है।

    28 दिसंबर तक करना होगा फैसला

    सरकार की ओर से दिए गए इस एकमुश्त विकल्प के तहत पात्र कर्मचारियों को 28 दिसंबर 2026 तक आवेदन करना होगा। समयसीमा के भीतर आवेदन नहीं करने पर कर्मचारी NPS में ही बने रहेंगे, जबकि OPS चुनने वाले कर्मचारियों के लिए बाद में NPS में लौटने का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा।

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