नई दिल्ली। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को लेकर जारी विरोध के बीच केंद्र सरकार ने एक और आईपीएस अधिकारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। हिमाचल प्रदेश कैडर के 1996 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय कुमार यादव को सीआरपीएफ में अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) नियुक्त किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 6 नवंबर को इस संबंध में हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र भेजा है।
मंत्रालय के निर्देश के अनुसार, यादव की नियुक्ति कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होगी। उनका कार्यकाल 30 सितंबर 2030 तक अथवा अगले आदेश तक रहेगा। इसी दिन उनकी सेवानिवृत्ति भी निर्धारित है। गृह मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश सरकार से उन्हें तत्काल कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया है, ताकि वे केंद्र में नई जिम्मेदारी संभाल सकें।
अजय कुमार यादव भारतीय पुलिस सेवा के 1996 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से सीधी भर्ती के तहत आईपीएस में प्रवेश किया था। उन्होंने 7 सितंबर 1997 को सेवा ज्वाइन की थी। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन में स्नातक यादव का गृह राज्य दिल्ली है। वे 8 जनवरी 2018 से नई दिल्ली में हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रधान रेजिडेंट कमिश्नर के पद पर तैनात थे।
सीआरपीएफ अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में दी है याचिका
सीआरपीएफ में आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को लेकर बल के अधिकारियों और कर्मचारियों में लंबे समय से असंतोष है। सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के 800 से अधिक अधिकारियों ने इस व्यवस्था के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका तर्क है कि इन अर्धसैनिक बलों में शीर्ष पदों पर नियुक्तियां संबंधित बलों के अपने अनुभवी अधिकारियों में से होनी चाहिए। हालांकि, केंद्र सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में अजय कुमार यादव की नियुक्ति को इस विवाद के बीच केंद्र सरकार के एक और महत्वपूर्ण फैसले के रूप में देखा जा रहा है।
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