नई दिल्ली। पाकिस्तान ने भारत में पाकिस्तान (India-Pakistan)के साथ बातचीत बहाल करने की उठ रही आवाजों का स्वागत किया है। पाकिस्तान ने कहा कि दोनों देशों के बीच शांति, सुरक्षा और साझा समृद्धि के लिए संवाद और रचनात्मक सहयोग बेहद जरूरी है।
दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेता दत्तात्रेय होसबाले ने हाल ही में कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मसम्मान सर्वोपरि हैं, लेकिन भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं करने चाहिए। उन्होंने कहा था कि संवाद की संभावना हमेशा बनी रहनी चाहिए।
होसबाले के इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता Tahir Andrabi ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि भारत के भीतर संवाद की बात करने वाली आवाजें “सकारात्मक घटनाक्रम” हैं। उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि भारत में समझदारी बढ़ेगी। अब देखना यह है कि इन आवाजों पर भारत की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।”
इस दौरान अंद्राबी से भारत और पाकिस्तान के बीच बैक-चैनल बातचीत को लेकर भी सवाल किया गया, लेकिन उन्होंने इस पर सीधी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे होने वाली बातचीत स्वभाव से गोपनीय होती है और इस पर सार्वजनिक रूप से कुछ कहना उचित नहीं होगा।
पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा कि इस्लामाबाद कूटनीति, संप्रभुता के सम्मान और सार्थक अंतरराष्ट्रीय संवाद के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सद्भाव के लिए बातचीत का रास्ता सबसे महत्वपूर्ण है।
वहीं, मनोज नरवणे ने भी होसबाले के बयान का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि पड़ोसी देशों के साथ संवाद के विकल्प खुले रहने चाहिए, हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
प्रेस वार्ता में अंद्राबी ने नियंत्रण रेखा पर हालात को लेकर भी बयान दिया और कहा कि पाकिस्तानी सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है। साथ ही उन्होंने अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि उनका देश शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सक्रिय योगदान दे रहा है।
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